जम्मू-कश्मीर में बादल फटने से तबाही, पहाड़ों पर फंसे हजारों वाहन; मौसम विभाग ने फिर जारी किया अलर्ट
जम्मू-कश्मीर में बादल फटने से भारी तबाही हुई है। रामबन में बादल फटने से जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर भारी मलबा आ गया है जिससे हजारों वाहन फंस गए हैं। कश्मीर में भी तीन दिन बाद मौसम में हल्का सुधार आया था लेकिन दोपहर बाद फिर से बारिश शुरू हो गई। ऊंचे पहाड़ों पर हिमपात हुआ है। जम्मू संभाग में भी विभिन्न स्थानों पर बारिश हुई है।

जागरण टीम, श्रीनगर/जम्मू। जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर रामबन में बादल फटने और पहाड़ों से भारी मलबे के साथ आई बाढ़ से हुई तबाही के बीच प्रशासन की टीमें सोमवार को दूसरे दिन भी राहत व बचाव कार्य में जुटी रहीं।
वहीं, कश्मीर में तीन दिन बाद सोमवार सुबह मौसम में हल्का सुधार आया, लेकिन दोपहर बाद अधिकांश इलाकों में फिर से तेज हवाओं के साथ वर्षा का सिलसिला शुरू हो गया। ऊंचे पहाड़ों पर हिमपात हुआ।
इधर, जम्मू संभाग में भी विभिन्न स्थानों पर बारिश हुई। मंगलवार को हल्की बारिश के साथ मौसम साफ होजाएगा। हालांकि, 24 से 26 अप्रैल तक दोबारा बारिश की संभावना है।
18 अप्रैल से चल रहा मौसम खराब
उधर, लद्दाख में अप्रैल में अप्रत्याशित भारी बर्फबारी से फसलों, बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए प्रदेश प्रशासन ने लेह व कारगिल जिलों में अभियान छेड़ दिया है।
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते 18 अप्रैल से कश्मीर में मौसम के मिजाज तीखे बने रहे तथा इस बीच ऊपरी इलाकों में बर्फबारी व निचले इलाकों में तेज आंधी व ओलावृष्टि के साथ बारिश का सिलसिला जारी रहा।
सोमवार दोपहर तक श्रीनगर समेत अधिकांश इलाकों में मौसम शुष्क रहा। दोपहर बाद मौसम के मिजाज फिर से बिगड़ गए और पहाड़ों पर हल्की बर्फबारी जबकि निचले इलाकों में रुक रुककर बारिश का सिलसिला फिर से शुरू हो गया।
आपदा से हजारों गांव प्रभावित
इस आपदा से रामबन में जम्मू-श्रीनगर हाईवे को भारी नुकसान के साथ करीब एक दर्जन गांव प्रभावित हुए हैं। बहुत से वाहन अभी भी मलबे में दबे हैं। हाईवे बंद होने से हजारों वाहन फंसे हैं।
सेना ने फंसे यात्रियों के लिए खाने के साथ दवा आदि का प्रबंध किया। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ व सामाजिक संगठन राहत अभियान में जुटे हैं। इस बीच, सोमवार को करीब एक घंटे हुई वर्षा ने राहत कार्य बाधित किया।
हाईवे पर इतना ज्यादा मलबा जमा है कि इसपर यातायात बहाल करने में समय लग सकता है, हालांकि संबंधित प्रशासन इसे जल्द सुचारू बनाने का दावा कर रहा है।
इस बीच, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला व जम्मू से मंडलायुक्त रमेश कुमार ने रामबन का दौरा कर जरूरी दिशा निर्देश दिए।
नेकां अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित करने के साथ केंद्र सरकार से सहयोग की अपील की। बता दें कि रविवार तड़के बादल फटने से रामबन के सेरी बगना गांव में तीन लोगों की मौत भी हो गई थी।
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