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    पाकिस्तान में अबू कताल की हत्या के बाद जम्मू-कश्मीर में हलचल, कई इलाकों में अलर्ट; नेताओं की सुरक्षा सख्त

    Updated: Wed, 19 Mar 2025 12:15 PM (IST)

    पाकिस्तान में सेना पर हमलों और लश्कर कमांडर अबू कताल की हत्या (Abu Katal Killed) के बाद जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बढ़ाई गई है। सीमावर्ती इलाकों में चौकसी बढ़ाई गई है और आतंकवाद विरोधी अभियान तेज किए गए हैं। सभी प्रमुख राजनीतिक नेताओं और संरक्षित नागरिकों को सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने को कहा गया है। संवेदनशील इलाकों में चौकसी बढ़ाई गई है।

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    पाकिस्तान में मारा गया था आतंकी अबू कताल (File Photo)

    राज्य ब्यूरो, जम्मू। पाकिस्तान में बलोच लिबरेशन आर्मी (Baloch Liberation Army) द्वारा पाकिस्तानी सेना के खिलाफ किए गए हमलों और गत सप्ताह पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष कमांडर शीर्ष लश्कर अबू कताल की हत्या (Abu Katal Killed) के मद्देनजर जम्मू-कश्मीर में भी सुरक्षा तंत्र की समीक्षा कर उसे और चाक-चौबंद बनाया गया है।

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    सभी प्रमुख राजनीतिक नेताओं व अन्य संरक्षित नागरिकों को सुरक्षा प्रोटोकाल का सख्ती से पालन करने को कहा गया है। घाटी में अल्पसंख्यकों की बस्तियों और आतंकग्रस्त उच्च पर्वतीय इलाकों में गश्त बढ़ाने के साथ ही आतंकरोधी अभियानों में तेजी लाई गई है।

    संवेदनशील इलाकों में बढ़ाई गई चौकसी

    सभी सीमावर्ती इलाकों में घुसपैठरोधी तंत्र को मजबूत बनाने के साथ ही प्रदेश के भीतरी सभी संवेदनशील इलाकों में चौकसी बढ़ाई गई है। एक वरिष्ठ सुरक्षाधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान में गत दिनों जो हुआ उसे देखते हुए जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा ग्रिड क समीक्षा कर उसे और बेहतर बनाया गया है।

    उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी जम्मू-कश्मीर में अपने बचे-खुचे आतंकी नेटवर्क के जरिए आतंकी गतिविधियों में तेजी ला सकती है या फिर कुछ सनसनीखेज हमले करवा सकती है। बीते दो दिनों में दक्षिण कश्मीर में दो आइईडी धमाके भी करने का षड्यंत्र रचा गया।

    पाकिस्तान की जनता में सरकार के खिलाफ रोष

    बता दें कि उक्त दोनों घटनाओं के चलते पाकिस्तान की सरकार और सेना में खलबली मची हुई है। पाकिस्तान की आम जनता में भी सरकार के खिलाफ रोष फैला हुआ है।

    रक्षा मामलों के जानकार अजय बाचलू ने कहा कि पाकिस्तानी सेना हमेशा अपनी विफलताओं से पाकिस्तानी जनता का ध्यान बंटाने के लिए जम्मू-कश्मीर में आतंकी हिंसा का खेल तेज करती है।

    उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में आने वाले दिनों में आतंक हिंसा में तेजी और नियंत्रण रेखा पर जारी जंगबंदी के उल्लंघन की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता।

    किसी भी स्थिति से निपटने के लिए जवान पूरी तरह तैयार

    अधिकारी ने बताया कि बीएसएफ और सेना को अंतरराष्ट्रीय सीमा व एलओसी पर निगरानी तंत्र को और मजबूत बनाने व किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने को कहा गया है। प्रदेश के भीतरी भागों में सभी महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।

    सभी राजनीतिक नेताओं को कहा गया है कि वह किसी क्षेत्र विशेष का दौरा करने से पूर्व संबंधित पुलिस अधिकारियों को जरूर सूचित करें। वह अपने दौरे के निर्धारित कार्यक्रम में अंतिम समय में बदलाव करने से बचें और किसी भी संवेदनशील इलाके में तभी जाएं जब सिक्योरिटी क्लीयरेंस हो।

    सुरक्षा एजेंसियों को सूचित किए बिना यात्रा मार्ग में भी बदलाव न करने व कार्यक्रमों को अंतिम समय तक गुप्त रखने के लिए कहा गया है। थाना और चौकी प्रभारियों को सभी पूर्व आतंकियों और पत्थरबाजों व आतंकियों के संदिग्ध साथियों की गतिविधियों की लगातार निगरानी के लिए कहा गया है।

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