Move to Jagran APP

गलवान के चार साल: चीन को मुंह तोड़ जवाब देने वाले सैनिकों के अदम्य साहस को सलाम, तिरंगा फहराकर जांबाजों को किया याद

Four Years of Galwan गलवान के चार साल पूरे हो गए हैं। हिसंक संघर्ष में सेना की 16 बिहार रेजीमेंट के कमान अधिकारी कर्नल संतोष बाबू के नेतृत्व में भारतीय सेना के बीस वीरों ने बलिदान दिया था। पहले भारतीय सैनिकों ने गलवन में असाधारण बहादुरी का परिचय देते हुए हाथों हाथ चीन के सेना के 45 के करीब सैनिक मारे गए थे।

By Jagran News Edited By: Himani Sharma Fri, 14 Jun 2024 02:36 PM (IST)
Four Years of Galwan: चीन को मुंह तोड़ जवाब देने वाले सैनिकों के अदम्य साहस को सलाम

राज्य ब्यूरो, जम्मू। Four Years of Galwan: हिमालय प्रदेश लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तिरंगा फहराने वाले भारतीय सैनिक चीन को चुनौती दे रही है कि फिर गलवान दोहराने की कोशिश हुई तो इस बार आघात और भी घातक होंगे।

चार साल पहले भारतीय सैनिकों ने दिखाया था कमाल

ठीक चार साल पहले भारतीय सैनिकों ने गलवान में घुसपैठ कर आए चीन की सेना के साथ हाथों हाथ लड़ाई कर उसे मार भगाया था। हिसंक संघर्ष में सेना की 16 बिहार रेजीमेंट के कमान अधिकारी कर्नल संतोष बाबू के नेतृत्व में भारतीय सेना के बीस वीरों ने बलिदान दिया था।

शुक्रवार को पूर्वी लद्दाख के गलवान में जोश से भरे भारतीय सैनिकों ने चीन के सामने तिरंगे लहराकर अपने बलदानियों को श्रद्धासुमन अर्पित करने के साथ उनके पद्चिन्हों पर चलने का प्रण लिया। ऐसा कर उन्होंने चीन द्वारा किए गए जा रहे दुष्प्रचार का मुंहतोड़ जवाब भी दिया।

चीन की सेना के मारे गए थे 45 सैनिक

पहले भारतीय सैनिकों ने गलवान में असाधारण बहादुरी का परिचय देते हुए हाथों हाथ चीन के सेना के 45 के करीब सैनिक मारे गए थे। कई चीनी सैनिक गलवान नदी में बह गए थे।

यह भी पढ़ें: Jammu Terror Attack: अमरनाथ यात्रा से पहले कश्मीर में आतंकियों के हाथ लगी 'लिक्विड IED', अलर्ट मोड पर सुरक्षा एजेंसियां

चीन सेना अपनी मौतों पर पर्दा डालने के साथ अपने युवाओं को गलवान की असलियत के बारे में गुमराह कर उन्हें सैनिक बनने के लिए उकसा रहा है। ऐसे में शुक्रवार को भारतीय सैनिकों ने गलवान में तिरंगा लहराकर संदेश दिया कि चीनी सैनिकों को मातृभूमि के पास फटकने नही दिया जाएगा।

नीमो-पदम-दारचा सड़क भी बनकर तैयार

16 कोर के साथ मथुरा की स्ट्राइक वन कोर भी उत्तरी कमान का हिस्सा बनी है। श्रीनगर-लेह, मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्गों के साथ लद्दाख में सेना की शक्ति को बढ़ाने के लिए नीमो-पदम-दारचा सड़क भी बनकर तैयार है। इसके साथ नए एयर स्ट्रिप, एडवांस लैडिंग गांउड, एयरबेस, पुलों, सुरंगों व सड़कों का जाल बिछा कर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जरूरत पड़ी तो दुश्मन पर त्वरित प्रहार किया जाएगा।

यह भी पढ़ें: Reasi Terror Attack: शिवखोड़ी के श्रद्धालुओं पर हमले के मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 50 संदिग्ध हिरासत लिए गए