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    Anantnag Encounter में सुरक्षाबलों के 3 अधिकारी बलिदान, सेना ने इलाके में की घेराबंदी; कमांडो दस्ता भी पहुंचा

    Encounter In Anantnag जम्मू और कश्मीर के अनंतनाग में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई। बुधवार को ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों के तीन अधिकारी बलिदान हो गए। बलिदानियों की पहचान कर्नल मनप्रीत सिंह मेजर आशीष और जम्मू-कश्मीर पुलिस के उपाधीक्षक हुमायूं भट के रूप में हुई है। मंगलवार को राजौरी में भी सेना और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई थी।

    By Jagran NewsEdited By: Preeti GuptaUpdated: Wed, 13 Sep 2023 09:27 PM (IST)
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    अनंतनाग मुठभेड़ में सुरक्षाबलों के तीन अधिकारी बलिदान (फाइल फोटो)

    श्रीनगर, राज्य ब्यूरो। दक्षिण कश्मीर के गडोल, अनंतनाग में बुधवार को आतंकियों के साथ मुठभेड़ में एक कर्नल, एक मेजर और एक पुलिस डीएसपी बलिदान हो गए। जबकि दो अन्य सुरक्षाकर्मी घायल भी हुए हैं। मुठभेड़ के दौरान घेराबंदी तोड़ भागने में कामयाब रहे आतंकियों को पकड़ने के लिए सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके में तलाशी अभियान चलाया। हेलीकॉप्टर और खोजी कुत्तों की भी मदद ली गई है।

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    सेना की 15वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई और पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह समेत सेना और पुलिस वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर जाकर हालात का जायजा लेते हुए आतंकरोधी अभियान की रणनीति की समीक्षा की है। आतंकियों के खिलाफ जारी अभियान की वरिष्ठ अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं।

    बीते डेढ़ माह के दौरान सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच यह तीसरी मुठभेड़ है। इससे पूर्व, अगस्त के पहले सप्ताह में हालन इलाके में हुई मुठभेड़ में तीन सैन्यकर्मी बलिदानी हुए थे। इसके बाद 20 अगस्त को पुलवामा के नेवा इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई थी।

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    पहाड़ी पर छिपे थे आतंकी, सुरक्षाबलों पर दागा राइफल ग्रेनेड

    अनंतनाग स्थित संबधित अधिकारियों ने बताया कि कोकरनाग के ऊपरी क्षेत्र में स्थित गडोल में तीन से चार आतंकियों के छिपे होने की सूचना पर बीती शाम पुलिस ने सेना की 19 आरआर के साथ मिलकर एक अभियान चलाया था। सुरक्षाबलों ने बुधवार को गंडोल के निचले हिस्से में जहां बस्ती है, अपना तलाशी अभियान पूरा किया और उसके बाद गांव के बाहरी छोर पर स्थित जंगल का रुख किया।

    सुरक्षाबल जब आगे बढ़ रहे थे तो पहाड़ी पर पेड़ों की ओट में छिपे आतंकियों ने उन पर हमला कर दिया। आतंकियों ने पहले राइफल ग्रेनेड दागा और उकसे बाद उन्होंने अपने स्वचालित हथियारों से फायरिंग की। इसमें 19 आरआर के कमानाधिकारी कर्नल मनप्रीत सिंह, मेजर आशीष धोनक और जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीएसपी हुमायूं बट घायल हो गए।

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    घायलों को हेलीकॉप्टर से बेस अस्पताल पहुंचाया गया

    कर्नल मनप्रीत सिंह के सिर में, मेजर के सिर व पेट में और डीएसपी हुमायूं के पेट में गोलियां लगी थी। इनके साथ दो और सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं। बताया जाता है कि कर्नल, मेजर व डीएसपी तीनों एक साथ आगे चल रहे थे। अन्य जवानों ने आतंकी हमले का जवाब देते हुए घायल अधिकारियों व जवानों वहां से तुरंत हटाया और उपचार के लिए निकटवर्ती अस्पताल पहुंचाया।

    सभी घायलों को उनकी गंभीर हालत के मद्देनजर हेलीकॉप्टर के जरिए श्रीनगर स्थित सेना के 92 बेस अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने तीनों अधिकारियों को बलिदानी घोषित कर दिया। इस बीच, सेना की 15वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई और पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह समेत सेना और पुलिस वरिष्ठ अधिकारी भी गडोल पहुंच गए।

    उन्होंने वहां मौजूद संबधित अधिकारियों से बातचीत की और आतंकियों को मार गिराने की रणनीति को अंतिम रूप दिया। अब सेना का कमांडो दस्ता भी मुठभेड़स्थल पर पहुंच गया है। खोजी कुत्तों की भी आतंकियों का पता लगाने के लिए मदद ली जा रही है। संबधित अधिकारियों ने बताया कि अंधेरा होने के साथ ही तलाशी अभियान को स्थगित किया गया है। लेकिन घेराबंदी जारी है।