जम्मू शहर के धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई, डीजीपी ने दौरा कर खुद जांचे इंतेजाम
डीजीपी नलिन प्रभात ने जम्मू शहर के प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों, जैसे रघुनाथ मंदिर, बाहु फोर्ट और तिरुपति बालाजी मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था का जाय ...और पढ़ें

डीजीपी नलिन प्रभात ने पुलिस, सीआरपीएफ, आईटीबीपी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया।
जागरण संवाददाता, जम्मू। जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नलिन प्रभात ने वीरवार को जम्मू शहर के प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उनके साथ आईजीपी जम्मू जोन भीम सेन टूटी और आईजीपी सीआरपीएफ जम्मू सेक्टर आर. गोपाला कृष्ण राव भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने रघुनाथ मंदिर, बाहु फोर्ट और तिरुपति बालाजी मंदिर में सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की।
सुरक्षा समीक्षा के दौरान डीजीपी ने बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने, भीड़ प्रबंधन प्रणाली में सुधार लाने तथा तकनीक के प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर दिया। उन्होंने मौके पर तैनात पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों से बातचीत कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। अधिकारियों को किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए प्रतिक्रिया प्रणाली को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए।
डीजीपी नलिन प्रभात ने कहा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ, आईटीबीपी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बेहद जरूरी है। उन्होंने सुरक्षा में मौजूद कमियों को दूर करने, संवेदनशील बिंदुओं की पहचान करने और आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने की तैयारी पर बल दिया।
संयुक्त सुरक्षा समीक्षा का उद्देश्य श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुरक्षित माहौल प्रदान करना तथा आम जनता में विश्वास बनाए रखना है। डीजीपी ने दोहराया कि सभी सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय योजना और नियमित आकलन के जरिए क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
इस अवसर पर डीआईजी जेएसके रेंज शिव कुमार शर्मा, एसएसपी जम्मू जोगिंदर सिंह, एसएसपी सिक्योरिटी राजेश शर्मा, एसपी पीसी जम्मू कमेश्वर पुरी, एसपी साउथ अजय शर्मा सहित सीआरपीएफ और आईटीबीपी के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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