Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck

    खुशखबरी! माता वैष्णो देवी के श्रद्धालुओं के लिए खुली प्राचीन गुफा

    By Rahul SharmaEdited By:
    Updated: Tue, 29 Jan 2019 03:52 PM (IST)

    पहले ही दिन प्राचीन गुफा से करीब पांच हजार श्रद्धालुओं ने मां वैष्णो देवी के दर्शन किए। ...और पढ़ें

    News Article Hero Image
    खुशखबरी! माता वैष्णो देवी के श्रद्धालुओं के लिए खुली प्राचीन गुफा

    कटड़ा, राकेश कटड़ा। माता वैष्णो देवी के श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी है। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने आज से मां भगवती के भक्तों के लिए प्राचीन गुफा के कपाट खोल दिए हैं। श्रद्धालुओं को लंबे समय से इस दिन का इंतजार था। बोर्ड ने गुफा के कपाट खोलने का समय निर्धारित किया है। यदि कोई श्रद्धालु प्राचीन गुफा से होकर मां वैष्णो देवी की पिंडियों के दर्शन करने की इच्छा रखता है तो उसे उसी दौरान भवन पहुंचना होगा। दरअसल बोर्ड प्राचीन गुफा के कपाट उस समय खोलता है जब भवन पर श्रद्धालुओं की संख्या काफी कम होती है। बर्फबारी के बाद भवन पर शीतलहर का प्रकोप बढ़ जाने के बाद से यात्रा में देर शाम व सुबह के समय काफी कमी आई है। यही वजह है कि देर रात और दोपहर के समय गुफा के कपाट खोले जाएंगे।

    दोपहर व रात को खोली जा रही प्राचीन गुफा

    श्रद्धालुओं की संख्या में आई कमी को देखते हुए बोर्ड ने सोमवार रात से ही प्राचीन गुफा के कपाट खोल दिए थे। यही नहीं मंगलवार दोपहर बाद भी भवन पर पहुंचे श्रद्धालुओं को प्राचीन गुफा से ही मां वैष्णो देवी के पिंडी रूप के दर्शन करवाए गए। बोर्ड ने प्राचीन गुफा को खोलने का समय निर्धारित किया है। श्रद्धालु दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक जबकि रात 12 बजे से सुबह तड़के 4 बजे के बीच प्राचीन गुफा में प्रवेश कर पाएंगे। इसके बाद प्राचीन गुफा के कपाट बंद कर दिए जाएंगे।

    मक्कर संक्रांति को खोली जाती है प्राचीन गुफा

    प्राचीन गुफा हर साल मकर संक्रांति के आसपास खोली जाती है। इस दौरान श्रद्धालुओं की संख्या सबसे निचले स्तर पर होती है। दरअसल प्राचीन गुफा की क्षमता 400 श्रद्धालु प्रति घंटे है। यही वजह है कि प्राकृतिक गुफा का संचालन परिस्थितियों के आधार पर किया जाता है। अगर किसी कारणवश इस आंकड़े में बढ़ोत्तरी होती है तो प्राकृतिक गुफा को श्रद्धालुओं के लिए अस्थायी रुप से बंद कर कर दिया जाता है। संख्या कम होने पर गुफा को फिर से खोल दिया जाता है। इस मकर संक्रांति के दिन श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होने की वजह से ही विशेष आरती के बाद मुख्य पंडित के प्रवेश के बाद गुफा के कपाट बंद कर दिए थे। 

    पांच हजार श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

    पहले ही दिन प्राचीन गुफा से करीब पांच हजार श्रद्धालुओं ने मां वैष्णो देवी के दर्शन किए। सोमवार रात को एकाएक श्रद्धालुओं की संख्या कम हो जाने पर बोर्ड ने रात 12 बजे से तड़के चार बजे तक गुफा के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए। उस दौरान तीन हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। एकाएक गुफा खुलने पर श्रद्धालुओं की जैसे बहुत पुरानी मन्नत पूरी हो गई है। जय माता की नारे लगाते हुए श्रद्धालुओं ने एक-एक कर प्राचीन गुफा में प्रवेश कर दिव्य पिंडियों के दर्शन किए। उसके बाद मंगलवार दोपहर 12 बजे से दोपहर 3 बजे तक जब फिर से गुफा के कपाट खुले तो श्रद्धालु मां के भजनों पर झूमने लगे। पूरा भवन जय माता दी के जयघोष से गुंज उठा।

    प्राचीन गुफा के खुलने का समय बढ़ भी सकता है

    श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के चेयरमैन सिमरनदीप सिंह ने कहा कि प्राचीन गुफा खुलने के समय में बढ़ोतरी की जा सकती है। इस समय रात व दिन के समय श्रद्धालुओं की संख्या कम है। फरवरी में इस संख्या में और कमी आएगी क्योंकि बच्चों की परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी। ऐसे में प्राचीन गुफा को थोड़े अंतराल के बाद खोला जा सकता है। फिलहाल दिनभर में 15 हजार के करीब श्रद्धालु भवन पहुंच रहे हैं। परंतु रात व दिन के समय कड़कड़ाती सर्दी होने की वजह से श्रद्धालुओं की संख्या कम रहती है। इसी वजह से बोर्ड ने इस दौरान गुफा के कपाट खोलने का निर्णय लिया है।