यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 24, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Amarnath Yatra: श्रद्धालुओं की सेफ्टी को लेकर सुरक्षाबलों ने तैयार किया प्लान, ये रेस्क्यू टीमें मुसीबत में बनेंगी देवदूत
Amarnath Yatra 2024 अमरनाथ यात्रा के लिए इस बार सुरक्षा को देखते हुए बदलाव किए गए हैं। श्रद्धालुओं की मदद ...और पढ़ें

HighLights
- स्पेशल टीमें बखूबी निभाएंगी अपनी जिम्मेदारी
- टीमों को दी गई विशेष ट्रेनिंग
राज्य ब्यूरो, जम्मू। श्री बाबा अमरनाथ यात्रा के श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए यात्रा के दोनों मार्गों पर 38 विशेष प्रशिक्षित माउंटेन रेस्क्यू टीमों की तैनाती की जाएगी। श्री बाबा अमरनाथ की यात्रा 29 जून से शुरू हो रही है। पिछले साल करीब साढ़े चार लाख श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा के दर्शन किए थे।
टीम ने की प्रबंधों की समीक्षा
कानून एवं व्यवस्था के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विजय कुमार ने आज सोमवार को पुलिस स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स, नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स, बीएसएफ और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की माउंटेन रेस्क्यू टीम के साथ बैठक कर यात्रा के दौरान किए जाने वाले बचाव कार्यों के लिए किए गए प्रबंधों की व्यापक समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि पुलिस की 13 टीम, एसडीआरएफ की 11 टीम, एनडीआरएफ की 8, बीएसएफ की 4 और सीआरपीएफ की 2 टीमों की यात्रा के दोनों मार्गों पर संवेदनशील स्थानों पर तैनाती की जाएगी।
फिटनेस पर दिया गया जोर
विजय कुमार जिनके पास आर्म्ड पुलिस, सिविल डिफेंस और होमगार्ड के कमांडेंट जनरल का पदभार भी है, ने विभिन्न टीमों के साथ बैठक कर श्रद्धालुओं की सुरक्षा की विशेष ड्यूटी पर चर्चा की। उन्होंने टीमों के पास पर्याप्त उपकरणों की उपलब्धता के मूल्यांकन, और अपग्रेड करने के लिए विशेष सिफारिशें व संसाधनों के पर्याप्त इस्तेमाल पर चर्चा की। उन्होंने टीम के सदस्यों की वर्दियों की वाटर प्रूफिंग, फिटनेस पर जोर दिया ताकि बचाव कार्य बेहतर तरीके से हों।
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आपदा की स्थिति के दौरान ड्यूटी निभाएं बखूबी
विजय कुमार ने टीमों से कहा कि वह अपने पेशेवर कौशल का इस्तेमाल करें जिस तरीके से होने प्रशिक्षण दिया गया है और आपदा की स्थिति के दौरान अपनी ड्यूटी बखूबी निभाएं। उन्होंने टीमों के मनोबल को बढ़ाने और उन्हें प्रोत्साहित करने पर जोर देते हुए कहा कि टीमों के लिए सेवा ही महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नहीं है बल्कि धार्मिक यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को सहयोग देना भी देना है।
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उन्होंने प्रदेशों में हाल ही में ग्लेशियर लेक आउटब्रष्ट फ्लड की घटनाओं के प्रति भी टीमों को जागरूक किया और जलवायु परिवर्तन से होने वाली आपदाओं से निपटने में सक्षम बनने के लिए कहा। उन्होंने टीमों से कहा कि अपनी ड्यूटी निष्ठा के साथ निभाए और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएं।
