Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    जम्मू बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आए सभी न्यायाधीश-कर्मचारी, राहत कोष में देंगे आर्थिक योगदान

    Updated: Sat, 30 Aug 2025 07:32 PM (IST)

    जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय ने बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए अपने न्यायाधीशों और कर्मचारियों को राहत कोष में अनिवार्य योगदान करने का आदेश दिया है। मुख्य न्यायाधीश अरुण पल्ली के निर्देश पर यह फैसला लिया गया है। न्यायालय के सभी स्तर के न्यायाधीशों और कर्मचारियों को अपनी क्षमता के अनुसार योगदान करना होगा जिसकी समय सीमा तीन दिन निर्धारित की गई है।

    Hero Image
    यह कदम बाढ़ प्रभावित लोगों के प्रति एकजुटता का प्रतीक है।

    जेएनएफ, जागरण, जम्मू। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय ने बाढ़ प्रभावित परिवारों की मदद को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्य न्यायाधीश अरुण पल्ली के निर्देश पर न्यायालय ने अपने न्यायाधीशों, अधिकारियों और कर्मचारियों को जम्मू-कश्मीर सरकार के आधिकारिक राहत कोष में अनिवार्य रूप से योगदान देने का आदेश दिया है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    आदेश के तहत जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय का प्रत्येक न्यायाधीश 20,000 रुपये, प्रत्येक जिला न्यायाधीश 10,000 रुपये, सिविल न्यायाधीश (वरिष्ठ वर्ग)7,000 रुपये, सिविल न्यायाधीश (कनिष्ठ वर्ग) 5,000 रुपये, उच्च न्यायालय एवं जिला न्यायपालिका का प्रत्येक राजपत्रित 5,000 जबकि अराजपत्रित कर्मचारी एक हजार रुपये बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत कोष में योगदान करेंगे।

    यह भी पढ़ें- जम्मू कश्मीर के कालेजों में कम हुई विद्यार्थयों की रुची, 100 से अधिक डिग्री कालेजों खाली रह गई 20 हजार से अधिक सीटें

    सभी के लिए इस योगदान को तीन दिनों के भीतर जम्मू-कश्मीर बैंक खाते में जमा करना होगा। रजिस्ट्रार न्यायिक और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश योगदानकर्ताओं के विवरण जमा करेंगे। उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन और जिला बार एसोसिएशन के सदस्यों से स्वैच्छिक दान की भी अपील की गई है।

    रजिस्ट्रार जनरल कुल योगदान का एक चैक तैयार करेंगे और इसे जम्मू-कश्मीर सरकार को सौंपेंगे ताकि राहत और पुनर्वास प्रयासों में सहायता मिल सके।

    इस पहल के माध्यम से उच्च न्यायालय ने सामूहिक जवाबदेही और न्यायिक नेतृत्व का एक मजबूत संदेश दिया है, जो इस संकट के समय में जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ एकजुटता प्रदर्शित करता है।

    यह भी पढ़ें- जिला ऊधमपुर में भारी बारिश व बाढ़ के कारण जलशक्ति विभाग की 148 परियोजनाओं को पहुंचा नुकसान, पानी के लिए मचा हाहाकार