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    जम्मू-कश्मीर में 628 नए सैनिकों की भर्ती, आतंकी घटनाओं को लेकर एक्शन में बीएसएफ; LoC पर कड़े किए सुरक्षा के इंतजाम

    By Agency Edited By: Prince Sharma
    Updated: Sat, 26 Oct 2024 06:40 PM (IST)

    Jammu Kashmir News गांदरबल और गुलमर्ग में आतंकी हमले के बाद सेना अलर्ट मोड पर है। जगह-जगह सर्च अभियान चल रहे हैं। वहीं सीमा पर घुसपैठ जैसी गतिविधियों को रोकने के लिए सुरक्षा-व्यवस्था बढ़ा दी गई है। बीएसएफ के कश्मीर फ्रंटियर के महानिरीक्षक अशोक यादव ने कहा कि सर्दियों से पहले घुसपैठ की कोशिशें बढ़ जाती हैं जिन्हें रोकने के लिए जवान पूरी तरह तैयार हैं।

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    जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रहे आतंकी हमले (जागरण फाइल फोटो)

    पीटीआई, श्रीनगर। Jammu Kashmir News: जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा को लेकर सीमा सुरक्षा बल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर घुसपैठ रोधी ग्रिड बहुत मजबूत है और सुरक्षा बल सर्दियों के मौसम से पहले घुसपैठ की किसी भी कोशिश को विफल कर देंगे।

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    सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के कश्मीर फ्रंटियर के महानिरीक्षक अशोक यादव ने यहां संवाददाताओं से कहा कि सर्दियों से पहले घुसपैठ की कोशिशें बढ़ जाती हैं, लेकिन सेना के समन्वय से नियंत्रण रेखा पर ग्रिड बहुत मजबूत है और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि घुसपैठ की किसी भी कोशिश को विफल किया जाए।

    गांदरबल और गुलमर्ग में हुईं आतंकी घटनाएं

    गांदरबल और गुलमर्ग में हाल की आतंकी घटनाओं को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए यादव ने कहा कि सुरक्षा बल खतरों का विश्लेषण कर रहे हैं और यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रहे हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न दोहराई जाएं।

    गांदरबल आतंकी हमले में सात लोगों की जान गई थी। जबकि गुलमर्ग में सेना के दो जवान बलिदान हो गए थे। इसी के साथ दो कुली भी मारे गए थे।

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    उन्होंने कहा कि सुरक्षा बल एक-दूसरे के साथ समन्वय में काम कर रहे हैं। हम खतरों का विश्लेषण करते हैं और यह सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

    629 नए भर्ती बल में हुए शामिल

    इससे पहले, बीएसएफ के सहायक प्रशिक्षण केंद्र में चार भर्ती बैचों की पासिंग आउट परेड और सत्यापन समारोह का आयोजन हुआ, इसमें 629 सैनिक नए भर्ती बल में शामिल हुए। सीमा सुरक्षा चुनौतियों और कानून व्यवस्था की ड्यूटी के लिए तैयार होने के लिए भर्ती की गई।

    इस अवसर पर मुख्य अतिथि जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने परेड का निरीक्षण किया और भर्ती हुए लोगों के आत्मविश्वास, कौशल और समन्वय के प्रदर्शन की सराहना की।

    एलजी ने भर्ती हुए लोगों को साहस और उत्साह के साथ देश की सेवा करने के लिए प्रोत्साहित किया। 44 सप्ताह के प्रशिक्षण कार्यक्रम ने भर्ती हुए लोगों को विभिन्न हथियारों को संभालने, फायरिंग कौशल, सीमा प्रबंधन, शारीरिक दक्षता और धीरज, फील्ड क्राफ्ट और रणनीति, आतंकवाद, विद्रोह, कानून और व्यवस्था और मानवाधिकारों में दक्षता प्रदान की।

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