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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 14, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हॉकी इंडिया ने PR Sreejesh को दिया विशेष सम्‍मान, आधिकारिक रूप से रिटायर की 16 नंबर

Published: Wed, 14 Aug 2024 03:53 PM (IST)

Hockey India announcement हॉकी इंडिया ने भारत के दिग्‍गज गोलकीपर पीआर श्रीजेश के जर्सी नंबर 16 को आधिकारिक रूप से ...और पढ़ें

पीआर श्रीजेश ने करीब दो दशक तक भारत के गोलकीपर की भूमिका निभाई
पीआर श्रीजेश ने करीब दो दशक तक भारत के गोलकीपर की भूमिका निभाई

HighLights

  1. हॉकी इंडिया ने नंबर-16 को हॉकी से आधिकारिक रूप से रिटायर किया
  2. पीआर श्रीजेश ने पेरिस ओलंपिक्‍स के बाद अंतरराष्‍ट्रीय हॉकी से संन्‍यास लिया
  3. पीआर श्रीजेश ने भारत को पेरिस ओलंपिक्‍स में ब्रॉन्‍ज मेडल दिलाने में अहम भूमिका निभाई

स्‍पोर्ट्स डेस्‍क, नई दिल्‍ली। हॉकी इंडिया ने बुधवार को घोषणा की है कि वो दिग्‍गज गोलकीपर पीआर श्रीजेश का जर्सी नंबर 16 आधिकारिक रूप से रिटायर कर रहे हैं। पीआर श्रीजेश ने भारत को पेरिस ओलंपिक्‍स 2024 में ब्रॉन्‍ज मेडल दिलाने में अहम भूमिका निभाई। ओलंपिक्‍स के बाद श्रीजेश ने अंतरराष्‍ट्रीय हॉकी से संन्‍यास लिया।

पीआर श्रीजेश ने करीब दो दशक तक नंबर-16 की जर्सी पहनी, जिसे सीनियर राष्‍ट्रीय टीम से रिटायर कर दिया गया है। हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह ने साथ ही खुलासा किया कि 36 साल के पीआर श्रीजेश जूनियर टीम के राष्‍ट्रीय कोच होंगे। हां, 16 नंबर की जर्सी जूनियर लेवल पर उपलब्‍ध है।

भोलानाथ सिंह ने क्‍या कहा

हॉकी इंडिया के महासचिव ने कहा, ''पीआर श्रीजेश जूनियर टीम में अगले श्रीजेश को बढ़ाएगा, जो नंबर-16 की जर्सी पहनेगा।'' श्रीजेश ने राष्‍ट्रीय टीम का कोच बनने से पहले आठ साल का अपने लिए समय लिया है। उनका लक्ष्‍य है कि 2036 ओलंपिक्‍स में वह भारतीय टीम के कोच बने।

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पीआर श्रीजेश का बयान

श्रीजेश ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में कहा था, ''मैं कोच बनना चाहता हूं। यह हमेशा से मेरा प्‍लान था, लेकिन सवाल कभी नहीं था कि कब। संन्‍यास के बाद परिवार पहले आता है। मुझे उनसे बात करने की जरुरत है कि वो इससे सहज हैं। अब आपको अपनी पत्‍नी की थोड़ी बहुत सुनने की जरुरत है।''

राहुल द्रविड़ हैं उदाहरण

मैं जूनियर्स के साथ जिस तरह शुरुआत करना चाहता हूं, राहुल द्रविड़ उसका उदाहरण हैं। आप कई खिलाड़ी तैयार करो, जिनको राष्‍ट्रीय टीम में जग‍ह मिले और वो आपको फॉलो करें। मैं इस साल शुरुआत कर रहा हूं। 2025 में जूनिसर वर्ल्‍ड कप है और फिर अगले दो साल में सीनियर टीम वर्ल्‍ड कप खेलेगी।

तो हो सकता है कि 2028 तक मैं 20 या 40 खिलाड़ी तैयार करूंग और 2029 तक मेरे 15-20 लड़के सीनियर टीम में हो। 2030 तक हो सकता है कि 30-35 लड़के सीनियर टीम का हिस्‍सा हो। 2032 में मैं प्रमुख कोच बनने की स्थिति में रहूंगा। अगर भारत 2036 में ओलंपिक की मेजबानी करता है तो मैं भारत का कोच बनना चाहूंगा।

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