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हिमाचल: चिंतपूर्णी के दो सगे भाई सेना में भर्ती, आर्मी अफसर चाचा से प्रेरित हुए विष्णु और ध्रुव, कमाल के खिलाड़ी हैं दोनों

By Neeraj Kumari Edited By: Rajesh Sharma
Published: Thu, 20 Nov 2025 04:48 PM (IST)

चिंतपूर्णी के मोईन गांव के दो सगे भाई, विष्णु प्रताप सिंह और ध्रुव ठाकुर, अग्निवीर परीक्षा में उत्तीर्ण हुए हैं। ...और पढ़ें

भारतीय सेना में चयनित हुए मोईन गांव के विष्णु प्रताप सिंह और ध्रुव ठाकुर। जागरण

भारतीय सेना में चयनित हुए मोईन गांव के विष्णु प्रताप सिंह और ध्रुव ठाकुर। जागरण

HighLights

  1. चिंतपूर्णी के दो भाई सेना में भर्ती

  2. अग्निवीर परीक्षा में सफलता प्राप्त की

  3. चाचा से मिली सेना में जाने की प्रेरणा

संवाद सहयोगी, चिंतपूर्णी (ऊना)। वीर भूमि हिमाचल प्रदेश के युवाओं भारतीय सेना में शामिल होने के लिए हमेशा आगे रहते हैं। भारतीय सेना की ओर से घोषित सिपाही अग्निवीर परीक्षा परिणाम में चिंतपूर्णी की गंगोट पंचायत के मोईन गांव के दो सगे भाई उत्तीर्ण हुए हैं। विष्णु प्रताप सिंह और ध्रुव ठाकुर का चयन होने की खबर ने पूरे क्षेत्र में उत्साह है। 

चिंतपूर्णी के वार्ड नंबर 4 के पंचायत सदस्य रशपाल ठाकुर के पौत्र और शिक्षा विभाग में मुख्याध्यापक सतवीर सिंह के पुत्र इन दोनों युवाओं की सफलता ने परिवार और सम्पूर्ण गंगोट क्षेत्र का मान बढ़ाया है। 

ढलियारा कॉलेज में पढ़ते हैं दोनों

विष्णु प्रताप सिंह, जो ढलियारा ठाकुर कालेज में बीसीए का छात्र है, राष्ट्रीय स्तर पर 5000 मीटर दौड़ में रजत पदक जीत चुका है। उसके छोटे भाई ध्रुव ठाकुर ढलियारा कालेज में बीकॉम कर रहा है, इंटर यूनिवर्सिटी केनोइंग और कयाकिंग में रजत पदक प्राप्त कर अपने खेल कौशल का परचम लहरा चुका है। दोनों ही भाई राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी होने के साथ अब भारतीय सेना में सेवाएं देने जा रहे हैं, यह तथ्य पूरे क्षेत्र के लिए अत्यंत गौरव का विषय है।

चाचा भारतीय सेना से हुए हैं सेवानिवृत्त, इन्हीं से ली प्रेरणा

इनके परिवार की देश सेवा की परंपरा भी प्रेरणादायी रही है। इनके चाचा रणदेव सिंह भारतीय सेना से सूबेदार पद से सेवानिवृत्त हुए हैं, जबकि दूसरे चाचा कुलतार सिंह हिमाचल प्रदेश पुलिस में चंबा सदर थाने में एएसआई के रूप में कार्यरत हैं। दोनों भाइयों को सेना में जाने की प्रेरणा इन्हीं चाचाओं से मिली है, जिन्होंने परिवार में कर्तव्य, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की भावना को जीवित रखा।

पिता भी रहे नेशनल खिलाड़ी

पिता सतवीर सिंह, जो स्वयं नेशनल लेवल पैरा पावरलिफ्टर और स्टेट चैंपियन रह चुके हैं, ने अपने बेटों के अंदर मेहनत और लगन का संस्कार बचपन से ही जगाया था। आज उनकी यह तपस्या सफल हुई है, जिसका गर्व उनके परिवार के हर सदस्य की आंखों में स्पष्ट झलकता है।

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परिवार को दिया सफलता का श्रेय

विष्णु प्रताप और ध्रुव ठाकुर ने अपनी सफलता का श्रेय अपने गुरुजनों, दादा-दादी, चाचा-चाची तथा माता-पिता को देते हुए कहा कि परिवार और गांव के लोगों की शुभकामनाओं ने उन्हें हमेशा आगे बढ़ने का साहस दिया। उन्होंने सभी शुभचिंतकों का हृदय से धन्यवाद करते हुए राष्ट्रसेवा के अपने नए सफर को समर्पण और अनुशासन के साथ निभाने का संकल्प व्यक्त किया।