हिमाचल: नालागढ़ ब्लास्ट की दो आतंकी संगठनों ने ली जिम्मेदारी, धमाका करने की वजह व अगला निशाना भी बताया
हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ पुलिस थाने के पास हुए धमाके की जिम्मेदारी प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल और पंजाब सॉवरेनिटी अलायंस ने ली है। उन ...और पढ़ें

नालागढ़ ब्लास्ट की दो आतंकी संगठनों ने जिम्मेदारी ली है। जागरण आर्काइव
जागरण संवाददाता, नालागढ़। हिमाचल प्रदेश में जिला सोलन के नालागढ़ पुलिस थाने के समीप हुए धमाके की जिम्मेदारी प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल और पंजाब सॉवरेनिटी अलायंस द्वारा लिए जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। धमाके के बाद हिमाचल पुलिस की जांच के साथ-साथ अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और फॉरेंसिक एक्सपर्ट भी मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच में जुट गए हैं।
यह धमाका वीरवार सुबह करीब 9:45 बजे नालागढ़ पुलिस थाना की बाहरी दीवार के समीप हुआ था। धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि पुलिस थाना भवन, पुलिस कर्मियों के क्वार्टर, ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक तथा मार्केट कमेटी के भवन के शीशे टूट गए थे। गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ।
नशीले पदार्थ पंजाब भेजने का आरोप लगाकर हमला किया
आतंकी संगठनों द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से जारी बयान में हिमाचल प्रदेश से कथित रूप से नशीले पदार्थों की तस्करी पंजाब भेजे जाने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी गई है कि यदि यह बंद नहीं हुई तो पुलिस मुख्यालय को निशाना बनाया जाएगा।
एंटी टेररिस्ट फ्रंट इंडिया ने की सख्त कार्रवाई की मांग
मामले को लेकर एंटी टेररिस्ट फ्रंट इंडिया (एटीएफआई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य ने घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि खालिस्तान समर्थित आतंकी संगठनों द्वारा देश की शांति, कानून-व्यवस्था और राष्ट्रीय एकता को चुनौती देने वाली किसी भी साजिश को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शांडिल्य ने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने की मांग करते हुए कहा कि इस हमले की जांच एनआईए से या हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की निगरानी में करवाई जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह घटना केवल स्थानीय मामला नहीं बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है, जिसे हल्के में लेना भारी पड़ सकता है।
दो दशक से आतंकवाद के खिलाफ मुहिम :
वीरेश शांडिल्य ने कहा कि बब्बर खालसा जैसे आतंकी संगठनों के खिलाफ उनकी मुहिम पिछले दो दशकों से जारी है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह हत्याकांड, बुडैल जेल ब्रेक मामले की सीबीआई जांच, आतंकी जगतार हवारा व परमजीत भ्योरा से जुड़ी कानूनी लड़ाइयों तथा खालिस्तान समर्थक साहित्य के खिलाफ हाईकोर्ट में कई जनहित याचिकाएं दायर की हैं, जिन पर अदालत ने महत्वपूर्ण आदेश पारित किए हैं। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ उनकी लड़ाई अंतिम सांस तक जारी रहेगी।
क्या कहते हैं पुलिस अधीक्षक
एसपी बद्दी विनोद धीमान ने कहा कि पुलिस को भी सोशल मीडिया के माध्यम से इस हमले की जिम्मेदारी लिए जाने की जानकारी मिली है। पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है और ऐसी किसी भी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। मामले की गहन जांच जारी है।

कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।