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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 02, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

एक साल बीता लेकिन जख्मों पर मरहम लगाने के वादे आज भी खोखले, एनआर अरोमा उद्योग में जिंदा जली थीं 9 महिलाएं

Published: Sun, 02 Feb 2025 12:52 PM (IST)

बद्दी के झाड़माजरी स्थित परफ्यूम बनाने वाले एनआर अरोमा उद्योग में बीते साल 2024 में दो फरवरी को आग लग ...और पढ़ें

एनआर एरोमा उद्योग आगजनी के दिन व आज की तस्वीर
एनआर एरोमा उद्योग आगजनी के दिन व आज की तस्वीर

HighLights

  1. हादसे में जिंदा जल गईं थी नौ लड़कियां
  2. पीड़ितों के परिवारों को नहीं मिली कोई मदद
  3. घटना को हुए पूरा हुआ एक साल

सुनील शर्मा, सोलन। जब भी हादसा या बड़ी घटना होती है तो उस समय इसमें व्यापक सुधार के दावे किए जाते हैं लेकिन औद्योगिक शहर बद्दी में हादसों से भी सबक नहीं लिया जा रहा।

दो फरवरी को बद्दी के झाड़माजरी स्थित परफ्यूम बनाने वाले एनआर अरोमा उद्योग में आग लग गई थी। हादसे में नौ लड़कियों की मौत से हर कोई सहम गया था।

अग्निकांड में जान गंवाने वाली लड़कियों के स्वजन के एक वर्ष बाद भी जख्म हरे हैं। जिंदा जल गईं मासूम जिंदगियों पर कुछ लोग उस समय राजनीति से बाज नहीं आए थे लेकिन स्वजन के इन जख्मों पर मरहम लगाने के वादे आज भी खोखले हैं।

सरकार की ओर से किया गया था मदद का वादा 

राज्य सरकार ने स्वजन को सात लाख और उद्योग प्रबंधकों ने नौ लाख रुपये देने का वादा किया था, लेकिन अभी तक मिला कुछ नहीं है। दो फरवरी, 2024 को लंच के बाद लगभग 1:35 बजे कुछ मिनट में पूरा उद्योग आग की चपेट में आ गया था।

कई घंटों तक धमाके होते रहे। जिला प्रशासन की कोशिशों के बाद भी नौ जिंदगियां आग की भेंट चढ़ गई थीं। कई महिलाओं ने पहली मंजिल से छलांगें लगाकर जान बचाई थी। आग आठ दिन तक सुलगती रही और आठ दिन बाद जले हुए शवों के अवशेष मिले थे।

हादसे में राखी, शशि,रहनुमा,कल्पना अहीरवार,काजल,काजल भारती,सोनी,चंपो देवी व पिंकी की मौत हो गई थी। इनके स्वजन आज भी न्याय की मांग कर रहे हैं और घोषित मुआवजे की आस लगाए बैठे हैं।

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घटना से सबक लेते हुए बदले गए सुरक्षा के नियम

बीबीएनडीए की सीईओ सोनाक्षी तोमर ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र में आग की घटनाओं के बाद सबक लिया गया है। उद्योगों में सुरक्षा के लिए नियम बदले हैं। कर्मचारियों की सुरक्षा को यकीनी बनाने के उद्योग प्रबंधकों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

अरोमा उद्योग में लेबर कांट्रेक्टर अंशु कुमार ने बताया कि उद्योग में उनकी अधिकतर लेबर काम करती थी। मृत नौ कर्मचारियों में से सात उनकी लेबर से थीं और दो कंपनी रोल पर थीं। सरकार व कंपनी द्वारा घोषित राशि अब तक प्रभावित परिवारों को नहीं मिल सकी है।

मुख्यमंत्री ने किया मदद का एलान 

कुछ दिनों के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू  ने एनआर अरोमा उद्योग का निरीक्षण किया था और मृतकों के स्वजन से संवेदना प्रकट की थी वहीं मृतकों को छह-छह लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का एलान भी किया गय था।

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