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    Himachal News: 'मंच पर बोलने से पहले इतिहास पढ़कर आएं कंगना', विक्रमादित्य सिंह ने बीजेपी प्रत्‍याशी पर कसा तंज

    Updated: Thu, 25 Apr 2024 06:43 PM (IST)

    Himachal News मंडी से कांग्रेस प्रत्‍याशी विक्रमादित्‍य सिंह (Vikramaditya Singh) ने कंगना रनौत (Kangana Ranaut) पर हल्‍ला बोला है। विक्रमादित्‍य ने कहा कि कंगना को मंच पर आने से पहले इतिहास पढ़कर आना चाहिए। दूसरों को हिंदू विरोधी कहने से पहले अपने गिरेबान में झांक कर देख लें। शायद वह भूल गई हैं कि देश में मतांतरण पर कानून बनाने वाला हिमाचल पहला राज्य था।

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    विक्रमादित्य सिंह ने बीजेपी प्रत्‍याशी पर कसा तंज

    जागरण संवाददाता, गोहर/सुंदरनगर। अपने पिता स्व. वीरभद्र सिंह और माता प्रतिभा सिंह की कर्मभूमि मंडी संसदीय क्षेत्र से अपनी चुनावी यात्रा का शुभारंभ करते ही कांग्रेस प्रत्याशी विक्रमादित्य सिंह (Vikramaditya Singh) ने भाजपा और कंगना रनौत (Kangana Ranaut) पर हमला बोल दिया है।

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    नाचन विधानसभा के चैलचौक और सुंदरनगर के होटल लेक व्यू में कार्यकर्ता सम्मेलन में विक्रमादित्य सिंह ने भाजपा प्रत्याशी कंगना रनौत को नसीहत दी कि वह मंच पर बोलने से पहले देश और प्रदेश का इतिहास पढ़कर आए।

    अपने गिरेबान में झांक कर देख लें पहले: विक्रमादित्‍य सिंह

    दूसरों को हिंदू विरोधी कहने से पहले अपने गिरेबान में झांक कर देख लें। शायद वह भूल गई हैं कि देश में मतांतरण पर कानून बनाने वाला हिमाचल पहला राज्य था। अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि और दशहरा उत्सव में देवी देवताओं का नजराना और देव सदनों का निर्माण उनके पिता वीरभद्र सिंह ने करवाया था। भगवा पटका पहनकर आए विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि कंगना अगर प्रधानमंत्री मोदी की इतनी ही नजदीकी हैं तो कर्मचारियों का 9000 करोड़ रुपये वापस दिलाएं।

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    नई सोच के साथ बढ़ेंगे आगे: कांग्रेस प्रत्‍याशी

    बेहतर होगा भाजपा क्षेत्रवाद,जातिवाद का जहर घोलने और व्यक्तिगत आक्षेप लगाने के बजाय मुद्दों और भविष्य की बात करें। वह देवी देवताओं के आशीर्वाद से नई सोच के साथ आगे बढ़ेंगे। शिमला ग्रामीण की जनता ने उन्हें दो बार चुनकर विधानसभा भेजा था। मुख्यमंत्री सुक्खू ने जो जिम्मेदारी दी थी वह बखूबी निभाई। अब पार्टी ने जो दायित्व सौंपा है। उसको निभाने का प्रयास करूंगा। वह मजबूती के साथ चुनाव लड़ेंगे और जीतेंगे भी।

    जयराम ठाकुर पर भी किया कटाक्ष

    विक्रमादित्‍य ने कहा कि पार्टी ने दिल्ली में जब उन्हें चुनाव लड़ने की जिम्मेदारी दी तो उन्हें अपने पिता का 1962 का किस्सा याद आ गया जो उन्हें सुनाया था कि कालेज से बुलाकर महासू सीट से चुनाव लड़ने भेज दिया था। वह भी पिता के नक्शे कदम पर चलकर आगे बढ़ेंगे।

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    उन्होंने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर कटाक्ष किया कि वह प्रदेश सरकार के गिरने और मुख्यमंत्री बनने का सपना अब छोड़ दें। सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी। सत्ता से बाहर होते ही जयराम ठाकुर को अब कर्मचारियों और ओपीएस की याद सता रही है।