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    Video: 1300 फीट की बर्फीली चोटियों पर प्लास्टिक की बोतलों का ढेर... IFS अधिकारी ने दिखाई पर्यटकों की सच्चाई

    Updated: Thu, 01 Jan 2026 08:25 AM (IST)

    हिमाचल प्रदेश में मणिमहेश यात्रा के दौरान पर्यटकों द्वारा फैलाए गए प्लास्टिक कचरे का एक वीडियो वायरल हो रहा है। आईएफएस अधिकारी परवीन कासवान द्वारा साझ ...और पढ़ें

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    पर्यटकों द्वारा फैलाया गया कचरा (सोशल मीडिया फोटो)

    डिजिटल डेस्क, शिमला। पहाड़ों पर या किसी भी पर्यटन स्थल पर, जो पर्यटकों से उम्मीद की जा सकती है वो है स्वच्छता को बनाए रखना। लेकिन अक्सर देखा जाता है, प्रशासन या नगर निगम की इस बात को नजरअंदाज कर दिया जाता है।। इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में पहाड़ों के दृश्य नजर आ रहे हैं और वहां प्लास्टिक की बोतलें और ढेर सारा कचरा साफ नजर आ रहा है। यह वायरल वीडियो हिमाचल का बताया जा रहा है।

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    आईएफएस अधिकारी ने शेयर किया वीडियो

    भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी परवीन कासवान ने सोशल मीडिया पर यह वीडियो साझा किया है। इस वीडियो में बर्फ से ढकी खूबसूरत चोटियों और तीर्थयात्रियों द्वारा छोड़ी गई प्लास्टिक की ढेर सारी बोतलें और कचरे को साफतौर से देखा जा सकता है। कासवान ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, क्या आपको सच में लगता है कि पहाड़ हमें बुला रहे हैं! यह हिमाचल प्रदेश में मणिमहेश यात्रा का दृश्य है। 13000 फीट की ऊंचाई पर भी हमने अपने निशान छोड़े हैं।

    यूजर्स का आया रिएक्शन

    सोशल मीडिया पर यूजर्स पर्यटकों को दोषी ठहरा रहे हैं, भारतीयों के सिविक सेंस की बात कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, कितना दुखद... अविश्वसनीय! हर पवित्र स्थान महज एक रोमांचक यात्रा बनकर रह गया है। वहीं, एक अन्य यूजर ने लिखा, यह दुखद है। कितना भी विकास हो जाए, हमारे अंदर नागरिक भावना नहीं आ सकती।

    यह वीडियो कैसा है, आइए देखते हैं।

     

    कहां हैं मणिमहेश यात्रा?

    मणिमहेश नाम का पवित्र सरोवर है जो समुद्र तल से लगभग 13,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। इसी सरोवर की पूर्व की दिशा में है वह पर्वत जिसे कैलाश कहा जाता है। इस हिमाच्छादित शिखर की ऊंचाई समुद्र तल से करीब 18,564 फीट है। स्थानीय लोग मानते हैं कि देवी पार्वती से विवाह करने के बाद भगवान शिव ने मणिमहेश नाम के इस पर्वत की रचना की थी। 

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