शिमला में नहीं मिले शराब के ठेकेदार, 24 में से सिर्फ एक ही यूनिट हुई नीलाम; अब इस दिन लगेगी बोली
शिमला में शराब के ठेकेदारों की नीलामी में ठेकेदारों ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। 24 यूनिटों में से केवल एक ही यूनिट की बोली लगी। पिछले साल इन यूनिटों से 252 करोड़ रुपये का राजस्व मिला था। दूसरी ओर रामपुर बुशहर के ननखड़ी के देलठ पंचायत में खुले शराब के ठेके को बंद करवाने या दूसरी जगह ले जाने की मांग को लेकर महिला मंडलों ने ज्ञापन सौंपा है।
जागरण संवाददाता, शिमला। शराब के ठेकेदारों की नीलामी कर एवं आबकारी विभाग के लिए परेशानी बन गई हैं। इसके लिए विभाग ने शिमला जिला में मंगलवार को 24 यूनिटों की नीलामी के लिए ठेकेदार बुलाए थे, लेकिन अधिकतर ठेकेदारों ने बोली तक नहीं लगाई। महज एक ही यूनिट नीलाम हुई। अब वीरवार को 23 शराब की यूनिटों की नीलामी की जानी है। पिछले साल इन सभी यूनिटों से 252 करो़ड रुपये का राजस्व मिला था।
20 मार्च से आबकारी विभाग ने शराब के ठेकों (Liquor Tender) की नीलामी की। वर्ष 2024-25 में 1.81 अरब में शराब के ठेकों की नीलामी हुई थी। इस बार एक अरब 85 करोड़ रुपये का रिजर्व प्राइज रखा गया है। अब करीब 20 यूनिट के 390 शराब के ठेकों की नीलामी होगी।
इनमें सबसे महंगे सुकेती और चैलचौक यूनिट के शराब ठेके 13 करोड़ 15 लाख और 13 करोड़ 53 लाख रुपये रिजर्व रखा गया है। दोनों यूनिट में करीब 59 शराब के ठेके नीलाम होने हैं। इसी तरह नेरचौक के 12 करोड़ सात लाख और बालीचौकी के 12 करोड़ 09 लाख रुपये रिजर्व प्राइज में 49 शराब के ठेके नीलाम होने हैं।
शराब की दुकान का विरोध
उधर, रामपुर बुशहर विकास खंड ननखड़ी के देलठ पंचायत में खुले शराब के ठेके को बंद करवाने या वहां से दूसरी जगह ले जाने के लिए छह महिला मंडलों ने मंगलवार को उपमंडलाधिकारी रामपुर निशांत तोमर को ज्ञापन सौंपा है। जबकि इससे पूर्व भी महिला मंडलों द्वारा ज्ञापन भी सौंपा गया था, लेकिन उस पर कोई कार्यवाही अभी तक अमल में नहीं लाई गई।
किसान सभा नेता देवकी नंद ने बताया कि महिला मंडल टुटू, नोटीधार, कालीमाटी, दांवटी, मोतीबाग और देलठ की महिलाओं का कहना है कि जिस स्थान पर शराब का ठेका चल रहा है उसके पास ही आईटीआई और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल 100 से 150 मीटर के दायरे में स्थित है। इन दोनों संस्थानों का रास्ता भी यहीं से होकर गुजरता है। ठेका होने की वजह से कई बार वहां पर शराबी होते हैं और ऐसे में बच्चों व महिलाओं का वहां से गुजरना मुश्किल हो जाता है।
कार्यवाही नहीं की तो सड़कों पर उतरना पड़ेगा
इसके साथ साथ बच्चों पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ रहा है। साथ ही वहां पर गंदगी भी बिखरी रहती है। महिला मंडलों ने साफ कहा कि यदि अब भी उनकी मांग पर कार्यवाही नहीं की गई तो उन्हें मजबूरन सड़कों पर उतरना पड़ेगा। उधर एसडीएम रामपुर निशांत तोमर ने कहा कि महिला मंडला द्वारा दिए ज्ञापन को संबंधित विभाग को भेजा जाएगा, ताकि उस पर उचित कार्यवाही अमल में लाई जा सके।
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