यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 14, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
हिमाचल विस: वीरभद्र बोले धूमल जी हम आपके हैं शुभचिंतक
बजट सत्र के आज 9वें दिन प्रदेश के लिए स्वीकृत 61 राष्ट्रीय राजमार्गों का मुद्दा खूब गूंजा। वहीं बजट भाषण ...और पढ़ें

जेएनएन, शिमला: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के आज 9वें दिन प्रदेश के लिए स्वीकृत 61 राष्ट्रीय राजमार्गों का मुद्दा खूब गूंजा। आज सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई। प्रश्नकाल के दौरान 61 फोरलेन के मामले को लेकर उठे सवाल के जबाव में सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि इस बारे बजट भाषण में भी जानकारी दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र ने प्रदेश में बनने वाले एनएच के लिए 229.6 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है।
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उन्होंने कहा कि इन सड़कों की डीपीआर बनाने की प्रकिया चल रही है। प्रदेश सरकार इसके लिए नेशनल हाइवे एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन बनाने पर विचार कर रही है। इस पर नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि प्रदेश सरकार बार बार यह कह रही है कि इसके लिए अभी पैसा नहीं आया है। इसके लिए धन कैसे आएगा, जबकि प्रदेश सरकार ने अभी तक इसकी डीपीआर ही तैयार नहीं की है। भाजपा के कई विधायकों ने भी इस पर सवाल उठाए। सीएम ने साफ कहा कि इसको लेकर अभी तक केंद्र से कोई धन नहीं आया है। जबकि डीपीआर बनाने की प्रक्रिया चल रही है।
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किन्नौर के निचार में चोरी हुई जमा दो कक्षा के भौतिक विज्ञान व आईटी के पेपर को लेकर भी सीएम ने सदन को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह परीक्षाएं जल्द होंगी। इस मामले की जांच की जा रही है। बजट सत्र का प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद बजट पर चर्चा शुरू हुई।
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धूमल बोले केंद्र कर्ज देना बंद कर सकता है
बजट भाषण पर शुरू हुई चर्चा के दौरान सदन में नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि केंद्र सरकार प्रदेश को कर्ज देना भी बंद कर सकती है। इसके पीछे कारण यह है कि हिमाचल सरकार ने नियमों के विपरीत करोड़ों का कर्ज लिया है। लेकिन सरकार ने धन का सही तरीके से सदुपयोग नहीं किया। सरकार ने संसाधान जुटाने की तरफ भी कोई ध्यान नहीं दिया। प्रदेश को कर्ज की तरफ धकेल दिया है। उन्होंने कहा कि बेरोजगारों को भत्ता देने की बात सरकार ने कहीं है उसके मुताबिक 82 करोड़ रुपये हर माह भत्ता देना होगा। प्रदेश सरकार ने बरेोजगारों को भत्ता देने के मामले में स्थिति को स्पष्ट नहीं किया है। उन्होंने कहा कि सरकार आईटीआई व पॉलीटेक्नीक खोलती जा रही है। लेकिन उसमें हर साल 15 हजार के करीब सीटें खाली रह रही हैं। ऐसे में इनको खोलने का क्या लाभ हैं।
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धूमल ने कहा कि सरकार ने इस बजट भाषण में मुख्यमंत्री ने 19 हजार पद भरने की बात कहीं है। चार साल के दौरान 40 हजार पद भरने की बात कहीं थी। लेकिन इस दिशा में भी केवल घोषणाएं ही हुई है। जो नई तहसीलें व उपतहसीलें खोली जा रही है, उनमें पद भरने का कोई जिक्र नहीं है। उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार किसे गुमराह कर रही है, यह तो प्रदेश के लोग बता देंगे। उन्हाेंने कहा कि ऐसा लगता है कि सरकार स्वयं ही गुमराह हो रही है। स्वदेश दर्शन को लेकर पर्यटक स्थल विकसित करने वाले उन्होंने कहा कि ऊना हमीरपुर व कांगडा का भी इसमें जिक्र होना चाहिए था।
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धूमल जी हम ही आएंगे आपके काम
बजट भाषण पर चर्चा के दौरान एक समय ऐसा आया कि सीएम ने खड़े होकर कहा कि धूमल साहब मैं ही आपके काम आउंगा। उन्होंने कहा कि हम अापके शुभचिंतक है। धूमल चर्चा के दौरान एक कहानी सुना रहे थे। उसमें उनका कहना था कि सरकार मांग कर गुजारा कर रही है और सरकार ऐश कर रही है। इस दौरान सीएम ने धूमल को गपोड़शंख तक की संज्ञा दे दी।