Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    Himachal News: अब श्रद्धालुओं को पैदल चलने से मिलेगा छुटकारा, चिंतपूर्णी मंदिर में बनेगा रोप-वे; CM सुक्‍खू ने किया एलान

    Himachal Pradesh News हिमाचल प्रदेश के शिमला में अब श्रद्धालुओं को पैदल चलने से छुटकारा मिलेगा। चिंतपूर्णी मंदिर के लिए 1.1 किमी लंबाई का रोप-वे तैयार किया जा रहा है। सरकार ने हिमाचल में प्रतिवर्ष 5 करोड़ पर्यटकों के आगमन का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को हासिल करने में धार्मिक पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका है।

    By Parkash BhardwajEdited By: Himani SharmaUpdated: Tue, 31 Oct 2023 04:20 PM (IST)
    Hero Image
    अब श्रद्धालुओं को पैदल चलने से मिलेगा छुटकारा (फाइल फोटो)

    राज्य ब्यूरो, शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचल में पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठा रही है। चिंतपूर्णी मंदिर का ऐतिहासिक एवं अध्यात्मिक दृष्टि से काफी महत्व है और इस परियोजना की अहमियत के दृष्टिगत इस पर विशेष बल दे रहे हैं। हिमाचल प्रदेश में स्थित शक्तिपीठों में इसका प्रमुख स्थान है। वर्तमान में इस मंदिर को बाबा माईदास भवन पार्किंग क्षेत्र से सिंगल लेन सड़क से जोड़ा गया है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    रोप-वे श्रद्धालुओं को पैदल चलने से दिलाएगा छुटकारा

    रोप-वे निर्मित होने से रोप-वे श्रद्धालुओं को पैदल चलने से छुटकारा दिलाएगा। नवरात्रों सहित अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान भारी भीड़ और यातायात जाम इत्यादि जैसी समस्याओं से दो-चार होना पड़ता है। इन समस्याओं के समाधान के दृष्टिगत रज्जू मार्ग की परिकल्पना एक महत्वपूर्ण कदम है।

    यह भी पढ़ें: माता भंगयाणी मंदिर के लिए शिमला से सीधी बस सेवा हुई शुरू, डिप्टी CM ने दिखाई हरि झंडी; PGI और AIIMS के लिए चलेंगी निगम की बसें

    यह प्रदेश सरकार की धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की नीति के भी अनुकूल है। चिंतपूर्णी मंदिर में इस रज्जू मार्ग प्रणाली के स्थापित होने से भीड़ नियंत्रण में सुविधा होगी और श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुगम मार्ग भी उपलब्ध हो सकेगा।

    5 करोड़ पर्यटकों का लेकर चली है सरकार

    सरकार ने हिमाचल में प्रतिवर्ष 5 करोड़ पर्यटकों के आगमन का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को हासिल करने में धार्मिक पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका है। हिमाचल प्रदेश देवभूमि के नाम से भी विख्यात है और यहां के प्राचीन मंदिर व शक्तिपीठों में लाखों की संख्या में श्रद्धालु शीश नवाने पहुंचते हैं। इसी के दृष्टिगत राज्य सरकार ने इन शक्तिपीठों व अन्य धार्मिक स्थलों में आधारभूत ढांचे के विकास को विशेष प्राथमिकता प्रदान की है।

    76.50 करोड़ से बनेगा चिंतपूर्णी रोप-वे

    विशेषतौर पर राज्य में स्थित शक्तिपीठों में आने वाले श्रद्धालुओं व अन्य पर्यटकों को सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाने के साथ ही इन स्थलों तक पहुंच आसान बनाने के लिए आधारभूत संरचना विकसित करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। ऊना जिला में स्थित विश्व विख्यात चिंतपूर्णी मंदिर के लिए रोप-वे निर्माण पर 76.50 करोड़ रुपये का प्राक्कलन तैयार किया गया है।

    यह भी पढ़ें: हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के प्रोफेसर को मिली जान से मारने की धमकी, चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज

    लगभग 1.1 किलोमीटर लंबे इस रोप-वे का कार्य निर्धारित समयावधि में पूरा करने के लिए प्रदेश सरकार त्वरित कदम उठा रही है। इस अत्याधुनिक परिवहन प्रणाली से दोनों ओर प्रति घंटा 700 यात्रियों की आवाजाही सुनिश्चित होगी। साथ ही यहां आने वाले पर्यटकों व श्रद्धालुओं को एक नया यात्रा अनुभव भी होगा।