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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 16, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Lok Sabha Election 2024: हिमाचल में तारीखों के एलान के बाद लगी आचार संहिता, छह सीटों पर भी होगा उपचुनाव

Published: Sat, 16 Mar 2024 08:29 PM (IST)

Lok Sabha Election 2024 देश में लोकसभा चुनाव का काउंटडाउन शुरू हो गया है। आज चुनाव आयोग ने चुनाव की ...और पढ़ें

Lok Sabha Election 2024: हिमाचल में तारीखों के एलान के बाद लगी आचार संहिता,
Lok Sabha Election 2024: हिमाचल में तारीखों के एलान के बाद लगी आचार संहिता,

HighLights

  1. दो माह 20 दिन नई भर्ती, पदोन्नति व नियमितीकरण पर रोक
  2. जेओए आइटी, कंडक्टर भर्ती का परिणाम रुका, छह हजार पदों पर भर्ती लटकी
  3. नियमित कार्यों के टेंडर के लिए चुनाव आयोग से लेनी होगी स्वीकृति

जागरण संवाददाता, शिमला।  लोकसभा चुनाव व प्रदेश की छह विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की घोषणा के साथ ही आचार संहिता लग गई है। हिमाचल में चुनाव सातवें चरण में होगा। पहली जून को मतदान होना है। अब दो माह 20 दिन तक सरकारी विभागों, बोर्ड व निगमों में न तो कोई नई भर्ती होगी, न ही कर्मचारियों व अधिकारियों की पदोन्नतियां होंगी।

अनुबंध से नियमित होने वाले कर्मचारियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया पर भी रोक लग गई है। विकास कार्यों पर भी रोक रहेगी। आचार संहिता के बीच नियमित कार्यों के टेंडर लेने के लिए भी चुनाव आयोग से अनुमति लेनी होगी। हालांकि, जिन कार्यों के टेंडर हो चुके हैं, वे जारी रहेंगे।

360 कंडक्टरों की भर्ती प्रक्रिया अंतिर चरण में थी

वहीं, 1867 जूनियर आफिस असिस्टेंट (जेओए आइटी), 360 कंडक्टरों की भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में थी। अब इनका परिणाम घोषित करने के लिए भी आयोग से अनुमति लेनी पड़ेगी। इसके अलावा शिक्षा विभाग सहित अन्य विभागों में करीब छह हजार पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू होने वाली थी। मंत्रिमंडल की स्वीकृति के बाद विभागीय स्तर पर इसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी, यह अब रुक जाएगी।

अनुबंध कर्मी अधिक प्रभावित

आचार संहिता लगने के बाद सबसे ज्यादा प्रभावित अनुबंध कर्मचारी होंगे। 31 मार्च को दो वर्ष का कार्यकाल पूरा करने वाले अनुबंध कर्मियों को नियमित किया जाना था। विभागीय स्तर पर इसके लिए प्रक्रिया भी शुरू हो गई थी। अब यदि इन्हें आचार संहिता के बीच नियमित करना हो तो आयोग से अनुमति लेनी पड़ेगी, या फिर इंतजार करना पड़ेगा, जिससे इन्हें वरिष्ठता का नुकसान होगा।

सरकारी वाहन के प्रयोग पर सख्ती, दो अधिकारियों को छूट

आचार संहिता लगते ही मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, मंत्री, मुख्य संसदीय सचिव, बोर्ड व निगमों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, उप मुख्य सचेतक सरकारी वाहनों का प्रयोग केवल अपने आवास से कार्यालय व हेडक्वार्टर तक ही कर सकेंगे। इन वाहनों का प्रयोग किसी भी तरह की चुनावी गतिविधि के लिए नहीं कर सकेंगे। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। हालांकि, प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह व निशा सिंह पर यह नियम लागू नहीं होगा।

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