Electric Vehicle: हिमाचल में सरकारी विभागों में दौड़ेंगे ई-वाहन, HRTC की 200 बसों का भी होगा बदलाव
हिमाचल सरकार पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। सरकार ने हिमाचल को ई-वाहनों का हब बनाने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। इसकी शुरुआत सरकारी क्षेत्र से होगी। अब राज्य सचिवालय से लेकर सभी सरकारी विभागों बोर्ड व निगमों को केवल ई-वाहन ही मिलेंगे। इस पहल से प्रदूषण कम करने और पर्यावरण को संरक्षित करने में मदद मिलेगी।

अनिल ठाकुर, शिमला। हिमाचल सरकार पर्यावरण संरक्षण कि दिशा में बड़ी पहल करने जा रही है। सरकार ने हिमाचल को ई-वाहनों का हब बनाने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। इसकी शुरुआत सरकारी क्षेत्र से होगी। अब राज्य सचिवालय से लेकर सभी सरकारी विभागों, बोर्ड व निगमों को केवल ई-वाहन ही मिलेंगे। विभाग स्वयं वाहन नहीं खरीदेंगे बल्कि इनको हायर किया जाएगा।
सीएम ने शुरू की थी 680 करोड़ की ये योजना
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 11 दिसंबर को बिलासपुर में 680 करोड़ रुपये की राजीव गांधी स्टार्टअप योजना के तहत ई-वाहनों की शुरुआत कर दी है। इसी वर्ष ये वाहन सरकारी विभागों को मिलना शुरू हो जाएंगे। परिवहन विभाग को इसके लिए नोडल एजेंसी बनाया गया है।
ई-वाहन चाहिए तो ऐसे करें आवेदन
किसी भी विभाग को यदि ई-वाहन चाहिए तो वह परिवहन विभाग के पास आवेदन करेगा। विभाग के पास पंजीकृत युवाओं की सूची होगी जो सरकारी क्षेत्र में ई-वाहन की सेवा देना चाहते हैं।
इस सूची को श्रम एवं रोजगार विभाग को भेजा जाएगा। अभी 121 वाहनों की डिमांड विभाग की तरफ से आ चुकी है। पुलिस व राजस्व के फील्ड अधिकारियों को वहां पर ही डीजल व पेट्रोल के वाहन मिलेंगे जहां पर ई-वाहन चलाना संभव नहीं है।
एचआरटीसी में 2400 बसें बदली जाएंगी
हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) 2400 डीजल बसों को ई-बसों में बदलेगा। निगम के पास करीब 3180 बसें हैं। इनमें 90 ई-बसें है। एचआरटीसी ने अभी 327 बसों की खरीद प्रक्रिया शुरू की है। निगम अपनी 2400 डीजल बसों को ई-बसों में बदलेगा। मुख्यमंत्री इसके लिए ग्रांट देने की हामी भर चुके हैं। दूसरे चरण में एचआरटीसी हाइड्रोजन बसों को शामिल किया जाएगा।
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हर विभाग में चार्जिंग स्टेशन लगाने की है तैयार
राज्य सरकार ई-वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने पर काम कर रही है। अभी प्रदेश में 150 चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं। निजी सहयोग से भी चार्जिंग स्टेशन लगाए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त सभी विभागों में चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे इसके लिए सरकार स्वीकृति दे चुकी है।
वर्ष 2017 में आने शुरू हुए थे ई-वाहन
वर्ष 2017 में ई वाहन आना शुरू हुए थे। उस समय हिमाचल में मात्र 15 ई-वाहन पंजीकृत हुए थे। वर्ष 2024 में इनकी संख्या बढ़कर 3299 हो गई है। सबसे अधिक ई-वाहन वर्ष 2023 में 1128 पंजीकृत हुए हैं। पेट्रोल व डीजल वाहनों से सबसे ज्यादा प्रदूषण होता है। सरकार ने निर्णय लिया है कि प्रदूषण को कम करने के लिए ई वाहनों को तरजीह देना शुरू किया। अभी प्रदेश में 87 ई-बसें और 2444 ई-स्कूटर व बाइक हैं।
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