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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 22, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Himachal Pradesh: शिमला पुलिस का नशे के खिलाफ विशेष अभियान, काले कारोबार में महिलाओं का भी हाथ

By Jagran NewsEdited By: Nidhi Vinodiya
Published: Mon, 22 May 2023 03:50 PM (IST)

शिमला पुलिस ने नशे के खिलाफ विशेष अभियान चलाया हुआ है। इस अभियान में पुलिस को बड़ी सफलता भी मिली ...और पढ़ें

Himachal Pradesh: शिमला पुलिस का नशे के खिलाफ विशेष अभियान, काले कारोबार में महिलाओं का भी हाथ
Himachal Pradesh: शिमला पुलिस का नशे के खिलाफ विशेष अभियान, काले कारोबार में महिलाओं का भी हाथ

शिमला, जागरण संवाददाता : शिमला पुलिस ने नशे के खिलाफ विशेष अभियान चलाया हुआ है। इस अभियान में पुलिस को बड़ी सफलता भी मिली है। नशे के कारोबारियों को जिस तरह पुलिस दबोच रही है, उससे साफ है कि शिमला जिला में चिट्टा ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच गया है।

पुलिस ने जनवरी से 30 अप्रैल तक एनडीपीएस एक्ट के 221 मामले दर्ज किए। 313 आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनमें आठ महिलाएं भी शामिल हैं। जबकि 2022 में इन्हीं चार महीनों में 105 मामले दर्ज हुए थे। पुलिस ने 156 गिरफ्तारियां की थी जिनमें 4 महिलाएं शामिल थी। सबसे ज्यादा गिरफ्तारियां चिट्टे के मामले में हो रही हैं।

चार महीनों में 214 आरोपितों को किया गिरफ्तार

अभी तक पुलिस चार माह में 214 आरोपितों को चिट्टे के साथ गिरफ्तार कर चुकी है जबकि पिछले साल का यह आंकड़ा महज 126 का था। पुलिस द्वारा पकड़े गए नशीले पदार्थों के मामले यहां पर चल रहे नशे के इस कारोबार को बयां कर रहे हैं। पुलिस ने नशे के खिलाफ जो अभियान चलाया हुआ है उसके बाद मामलों में भी बढ़ोतरी हो रही है। पुलिस का तर्क है कि सख्ती ज्यादा होने के बाद धरपकड़ शुरू हुई है।

नहीं बाज आ रहे स्मग्लर्स  

हर साल बढ़ रहे आंकड़े पिछले वर्षों के आंकड़ों पर गौर करें तो इससे तो साफ है कि शिमला जिला नशे के जाल में फंस चुका है। हालांकि पुलिस कई तस्करों को पकड़ चुकी है लेकिन फिर भी छोटे-छोटे तस्कर नशीले पदार्थों की सप्लाई करने से बाज नहीं आ रहे हैं। सबसे ज्यादा चरस व चिट्टा की सप्लाई हो रही है। पुलिस द्वारा जो छोटे तस्कर पकड़े जाते है वे यह नहीं बताते कि वे नशीले पदार्थ कहां से लाए थे। ऐसे में पुलिस बड़े तस्करों तक नहीं पहुंच पाती।

कुछ ही मामलों में पुलिस ने बड़े तस्करों का पर्दाफाश किया है। पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों से तो यही साबित होता है कि नशीले पदार्थों की सप्लाई बाहरी राज्य से ही हो रही है क्योंकि हिमाचल में इतना ज्यादा नशीले पदार्थों का व्यापार नहीं होता है।

नशा कारोबारियों के खिलाफ पुलिस ने विशेष अभियान चलाया है। जिला में किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ की सप्लाई न हो, इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। शिमला जिला को शीघ्र नशामुक्त बनाया जाएगा।-सुनील नेगी, एएसपी, शिमला।