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    Himachal Weather: तीन माह के सूखे पर राहत की बूंदें, 10 जिलों में मूसलाधार हुई बारिश, अटल टनल और रोहतांग में स्नोफॉल

    Updated: Fri, 02 Jan 2026 09:20 AM (IST)

    हिमाचल प्रदेश में तीन माह के सूखे के बाद वर्षा और हिमपात से राहत मिली है। शिमला सहित 10 जिलों में बारिश हुई, जबकि रोहतांग दर्रे और अटल टनल जैसे स्थानो ...और पढ़ें

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    राज्य ब्यूरो, शिमला। नव वर्ष हिमाचल के लोगों के लिए राहत लेकर आया। लगभग तीन माह से वर्षा न होने के कारण सूखे की चपेट में आई फसलों के लिए वीरवार को आसमान से राहत की बूंदें बरसीं।

    हालांकि, वर्षा ज्यादा नहीं हुई, लेकिन किसानों में वर्षा की आस जगी है। शिमला, सोलन, ऊना, कांगड़ा, बिलासपुर, हमीरपुर, मंडी, कुल्लू, सिरमौर व चंबा सहित अन्य स्थानों पर वर्षा हुई। शिमला के कुफरी में हल्की, जबकि कसौली में भारी ओलावृष्टि हुई। कसौली में ओलावृष्टि से सड़क पर फिसलन हो गई, जिससे वाहन चालकों को गाड़ियां रोकनी पड़ीं।

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    रोहतांग दर्रे, शिंकुला, कोकसर, अटल टनल और समस्त चोटियों पर हिमपात का क्रम वीरवार को भी जारी रहा। हिमपात के कारण रोहतांग व शिंकुला दर्रे के लिए वाहनों की आवाजाही बंद रही। कोकसर में पर्यटकों का स्वागत बर्फ के फाहों ने किया।

    रोहतांग, शिंकुला, बारालाचा व कुंजम दरें में सात इंच से अधिक, जांस्कर, समदो में चार, कोकसर में तीन, अटल टनल में दो व सोलंगनाला में एक इंच हिमपात हुआ। फोर बाई फोर वाहन कोकसर से आगे पहुंचे व सामान्य वाहनों में पर्यटक अटल टनल व सिस्सू पहुंचे। 

    सोलंगनाला में स्नोफॉल

    मनाली के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सोलंगनाला में हो रहे हिमपात का सुंदर नजारा। लंबे इंतजार के बाद सोलंगनाला में बर्फ के फाहे गिरने शुरू हुए तो पर्यटक मस्ती से झूम उठे । (दाएं) पर्यटन नगरी कसौली में मंकी प्वाइंट सड़क पर बिछे ओलों पर कारें फिसलने के कारण रोकनी पड़ीं। वाहन चालकों को काफी सावधानी बरतनी पड़ी जागरण/सौ. नीरज भाटिया

    1901 से लेकर अब तक छठी सबसे कम वर्षा

    प्रदेश में दिसंबर में वर्ष 1901 से अब तक 0.1 मिलीमीटर छठी सबसे कम वर्षा दर्ज की गई है। केवल लाहुल स्पीति में 0.6 मिलीमीटर वर्षा हुई है, जबकि अन्य जिलों में वर्षा हुई ही नहीं। प्रदेश में अक्टूबर की शुरुआत में वर्षा हुई थी।

    प्रदेश में तीन माह के दौरान सामान्य से 16 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई। हालांकि नवंबर और दिसंबर में वर्षा नहीं हुई। इसके कारण गेहूं, मटर, जौ आदि फसलों सहित फलदार पौधों को नुकसान हुआ है। नए पौधे लगाने का काम भी रुक गया है।

    वाहन आर-पार हुए। मंडी जिले के कमरूनाग, शिकारी माता सहित अन्य चोटियों पर हिमपात हुआ। इसका सबसे अधिक लाभ बागवानों को होगा जो सेब के तौलिये बनाने सहित अन्य कार्य कर सकेंगे।

    डलहौजी शहर में भी बर्फ के फाहे गिरे। पांगी की पहाड़ियों पर भी हिमपात शुरू हो गया है। कुफरी,

    नारकंडा और जाखू में बर्फ के फाहे गिरे। ताजा हिमपात और तेज हवाओं के कारण ठंड बढ़ गई है। सेऊबाग में 46 और नारकंडा में 37 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से तेज हवाएं चलीं। प्रदेश में अधिकतम तापमान में शिमला में सबसे अधिक गिरावट 5.4 डिग्री सेल्सियस की आई और यहां तापमान 10 डिग्री

    कांगड़ा एयरपोर्ट में नहीं आया एक भीतिमान

    मौसम अनुकूल न

    होने से वीरवार को कांगड़ा एयरपोर्ट पर एक भी विमान नहीं आया। तीन विमान इंडिगो और दो स्पाइसजेट के नहीं आए। इस कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ऊना जिले में सभी रेलगाड़ियां समय पर पहुंची।

    पहुंच गया। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान बजौरा में 20.3 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग ने दो व तीन जनवरी को छह जिलों मंडी, ऊना, चंबा, हमीरपुर, सोलन और बिलासपुर में शीतलहर के अलावा कोहरे की चेतावनी जारी की है। आठ जनवरी तक मौसम साफ रहने की संभावना है।