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    Himachal News: हिमाचल में नशा तस्करों की 1214 अवैध संपत्तियों की पहचान, 80 सरकारी कर्मचारी भी शामिल

    Updated: Sun, 13 Jul 2025 04:35 PM (IST)

    Himachal Pradesh News हिमाचल प्रदेश सरकार ने नशा मुक्त प्रदेश बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। नशे के कारोबार में शामिल लोगों की अवैध संपत्तियां जब्त की जा रही हैं और सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त किया जा रहा है। सरकार ने नशा तस्करों पर नकेल कसने के लिए कई कदम उठाए हैं जिनमें क्षेत्रों का वर्गीकरण और नशामुक्ति केंद्रों की स्थापना शामिल है।

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    हिमाचल पुलिस ने नशा तस्करी में संलिप्त अवैध संपत्तियों की पहचान की है। प्रतीकात्मक फोटो

    राज्य ब्यूरो, शिमला। नशामुक्त हिमाचल की दिशा में जीरो टालरेंस के तहत तस्करी में संलिप्त 1214 लोगाें की अवैध संपत्तियों का पता लगाया गया है और अतिक्रमण के 70 मामलों में कार्रवाई की गई है। इन संपत्तियों को जब्त करने के साथ उन्हें नष्ट किया जा रहा है। नशे के कारोबार में संलिप्त 80 सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है, जिसके तहत उन्हें सरकारी नौकरी से बर्खास्त किया गया है।

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    प्रदेश में वर्तमान सरकार के अढ़ाई वर्ष के कार्यकाल में पांच हजार से अधिक एनडीपीएस के मामले दर्ज किए गए हैं और 36.95 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त की गई है। 7.74 करोड़ रुपये की संपत्ति से जुड़े अतिरिक्त मामलों पुष्टि के लिए भेजे गए हैं। सिक्किम माडल से प्रेरित होकर नशामुक्ति, पुनर्वास, निवारक शिक्षा और आजीविका सहायता के लिए एक राज्य कोष बनाया है।

    नशा तस्करों पर अंकुश लगाने के लिए वर्ष 2024 में पिट-एनडीपीएस के तहत निवारक निरोधक कानून को अमल में लाया गया है। इसके तहत प्रस्तुत 123 प्रस्तावों में से 41 डिटेंशन आर्डर जारी किए गए हैं, जिन्हें हिरासत में लिया गया है। विशेष कार्य बल (एसटीएफ) द्वारा की गई जांच के आधार पर सामने आया है कि बीते कुछ वर्षों में प्रदेश में सिंथेटिक ड्रग्स यानी चिट्टे के मामलों में वृद्धि सबसे अधिक हुई है। फार्मास्युटिकल हब वाले क्षेत्रोें में इस तरह के मामले अधिक दर्ज किए जा रहे हैं।

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    दो साल में 919 किलोग्राम चरस पकड़ी

    2023 से जून 2025 के दौरान नशा तस्करी को लेकर की गई कार्रवाई में 919 किलोग्राम चरस, 32.9 किलोग्राम हेरोइन यानी चिट्टा, 1632 किलोग्राम पोस्त भूसी, 89.6 किलोग्राम अफीम और 1.64 लाख से अधिक गोलियां और कैप्सूल जब्त किए गए हैं। अवैध तरीके से उगाए गए लगभग 70 लाख भांग के पौधे नष्ट किए गए हैं।

    नशा तस्करी को लेकर तीन क्षेत्रों में होगा वर्गीकरण

    नशे के तस्करों पर शिकंजा कसने के लिए वार्ड आधार पर मैपिंग की गई है। इस मैपिंग के तहत तीन क्षेत्राें लाल, पीले और हरे क्षेत्रों में वर्गीकृत किया जा रहा है। जिस वार्ड में कोई भी नशा तस्करी में संलिप्त और नशा करने वाला नहीं हरे क्षेत्र में, जबकि कम संख्या में तस्करी और नशा करने वालों को पीले और लाल क्षेत्र जहां पर ज्यादा तादाद में संलिप्त और नशा करने वाले होंगे। एसटीएफ में धर्मशाला, मंडी और परवाणु को शामिल करके ऊना, कुल्लू, बद्दी और सिरमौर जैसे क्षेत्रों के तहत 13 पुलिस थाने लाए गए हैं,

    नशामुक्ति केंद्र संचालित

    जिला कुल्लू, ऊना, हमीरपुर और कांगड़ा में पुरुषों के लिए नशामुक्ति केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जबकि कुल्लू में रेडक्रॉस सोसाइटी द्वारा महिलाओं के लिए एक केंद्र का संचालन किया जा रहा है। सिरमौर के कोटला बड़ोग में 100 बिस्तरों वाला अत्याधुनिक नशामुक्ति केंद्र बनाया जा रहा है। सभी जिलों में ऐसे केंद्र स्थापित करने की कार्य योजना तैयार की गई है।

    'हिमाचल प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए नशे के कारोबार में संलिप्त 80 सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। नशे को लेकर जीरो टालरेंस को अपनाया जा रहा है। नशे के कारोबार से बनाई गई अवैध संपत्तियों को जब्त किया जा रहा है।'

    -सुखविंदर सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री, हिमाचल प्रदेश।

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