Himachal Pradesh Crisis: 'पापियों के पाप धोते-धोते मैली हो गई गंगा...' बागियों पर जमकर बरसे सीएम सुक्खू, सुनाई खरी-खोटी
Himachal Pradesh Crisis हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हम देवी-देवताओं से डरते हैं। एक प्याला पानी का भी किसी से पी लें तो अहसानमंद रहते हैं। लेकिन इन नेताओं ने तो नोट के बदले विधायकी को ही बेच दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को जनता सबक सिखाएगी। ऐसे लोग जो नोट के बदले विधायकी खरीदते हैं वे कभी भी जनता के सेवक नहीं हो सकते।

जागरण संवाददाता, नाहन। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जिला सिरमौर के शिलाई में एक दिवसीय दौरे के दौरान एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। जनसभा को सम्बोधित करते हुए सुक्खू ने कांग्रेस पार्टी के 6 बागी विधायकों तंज कसते हुए कहां कि पापियों के पाप धोते-धोते गंगा मैली हो गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम देवी-देवताओं से डरते हैं। एक प्याला पानी का भी किसी से पी लें, तो अहसानमंद रहते हैं। मगर इन नेताओं ने तो नोट के बदले विधायकी को ही बेच दिया। उन्होंने कहा कि बागी विधायक शिमला से पंचकूला पहुंचे।
बागी विधायक मुंह छिपाते फिर रहे हैं
पंचकूला से चंडीगढ़, चंडीगढ़ से पाप धोने हरिद्वार पहुंचे, हरिद्वार से ऋषिकेश तथा अब ऋषिकेश से भी कही आगे उड़ गए हैं। बागी विधायक प्रदेश के जनता के साथ किए धोखे के बाद जगह-जगह मुंह छुपाते फिर रहे हैं।
हिमाचल में आजतक ऐसा नहीं हुआ, नोट के बदले विधायकी ही बेच दी। क्या जनता ऐसे जनप्रतिनिधियों को माफ करेंगे। नोटों के दम पर भाजपा लोकतंत्र की हत्या कर रही है।
28 तारीख को पेश करेंगे दूसरा बजट
क्या आप चाहते हैं कि नोटों के दम पर सरकार चले या आप चाहते हैं कि जिस विधायक ने नोटों के लिए अपनी कुर्सी बेच दी है, वह आप के जन प्रतिनिधि बने। कांग्रेस के बागी विधायक चुपके चुपके सीआरपीएफ तथा हरियाणा पुलिस के साथ विस सत्र में पहुंचते है।
यह भी पढ़ें- Lok Sabha Election 2024: भाजपा की दूसरी लिस्ट में हिमाचल की तीन सीटों पर हो सकता है एलान, BJP इन नामों पर चलेगी दांव?
सरकार को नुकसान पहुंचने की कोशिश करते हैं, जिसमे वह असफल रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वो 28 तारीख को दूसरा बजट पेश करने वाले हैं।
कड़े संघर्ष के बाद मुख्यमंत्री बना हूं
27 तारीख को राज्यसभा के चुनाव में क्रॉस वोटिंग कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वो उस समय हैरान रह गए, जब मीडिया में ये खबरें चल गई कि मैंने इस्तीफा दे दिया है। मैंने कहा कि संघर्ष के बाद मुख्यमंत्री बना हूं, इतनी जल्दी हार मानने वाला नहीं हूं।
उन्होंने कहा कि विकट परिस्थिति होने के बावजूद भी बजट को पारित करवाया गया। बागी विधायक भाजपा के जहाज में घूम रहे हैं। जिस पर सुक्खू ने कहा की चार दिन की चांदनी है, उड़ लो जहाज में, फिर जनता उड़ाएगी।
नोट से सत्ता खरीदने वाे आपके सेवक नहीं
सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि जो लोग नोट से सता खरीदेंगे, वह कभी आपके सेवक नहीं हो सकते है, आपके सेवक वह लोग होंगे, जो अपने घर से धनराशि दान दे सकते हैं। क्या प्रदेश की जनता नोटों से सत्ता हथियाना वाले लोगों को वोट देगी, यह निर्णय जनता को लेना है। प्रदेश की जनता को आगामी लोकसभा चुनाव में नोट के बदले सत्ता हथियाने वालों को सबक सिखाना ही होगा।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।