हिमाचल कांग्रेस कार्यकारिणी में पद के लिए जद्दोजहद, अनदेखी से कठिन होगी इन वरिष्ठ नेताओं की राजनीतिक राह
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नए अध्यक्ष विनय कुमार के लिए कार्यकारिणी का गठन चुनौती है। कौल सिंह ठाकुर, रामलाल ठाकुर जैसे वरिष्ठ नेताओं का भविष्य पार्टी में पद मिलने पर निर्भर करेगा। युवा कांग्रेस को सरकार में पद का आश्वासन है। "एक व्यक्ति, एक पद" सिद्धांत के लागू होने पर संदेह है। विनय कुमार को क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखना होगा और जिला अध्यक्षों की नियुक्ति करनी होगी।

हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार। जागरण आर्काइव
अनिल ठाकुर, धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नवनियुक्त अध्यक्ष विनय कुमार ने अपना पदभार ग्रहण कर लिया है। पंचायत और शहरी निकाय चुनाव से पहले कार्यकारिणी का गठन उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। कार्यकारिणी में पद पाने के लिए जद्दोजहद चल रही है।
इन नेताओं का तय होगा राजनीतिक भविष्य
क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों के बीच कुछ नेता ऐसे हैं जिनकी नियुक्ति उनका राजनीतिक भविष्य तय करेगी। इनमें पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री कौल सिंह ठाकुर, पूर्व मंत्री रामलाल ठाकुर, पूर्व मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी, और कांग्रेस की वरिष्ठ नेता आशा कुमारी शामिल हैं। ये सभी नेता अपने पिछले चुनाव हार चुके हैं और उम्रदराज भी हैं। यदि इन्हें पार्टी में बड़ा पद नहीं मिलता, तो उनकी राजनीतिक राह कठिन हो जाएगी।
दिलचस्प होगा कि इन नेताओं को टीम में मिलती है जगह या नहीं
एक नेता के तौर पर कार्य करना और पार्टी व सरकार में पद पर आसीन होकर कार्य करना दो अलग बातें हैं। यदि नेता किसी पद पर आसीन हो, तो कार्यकर्ता उम्मीद के साथ उनके पास आते हैं। विनय कुमार जब सीपीएस थे, तब उन्होंने इन सभी नेताओं के साथ काम किया है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि वह अपनी टीम में इन्हें क्या पद देते हैं।
विधानसभा चुनाव के दौरान युवा कांग्रेस के किसी भी पदाधिकारी को टिकट नहीं मिला था। तत्कालीन प्रदेश मामलों के प्रभारी राजीव शुक्ल ने उन्हें आश्वासन दिया था कि सरकार में पद मिलेगा। इस बार युवा कांग्रेस के अध्यक्ष की ताजपोशी कर दी गई है।
एक व्यक्ति एक पद सिद्धांत लागू करने पर संशय
नई कार्यकारिणी में "एक व्यक्ति एक पद" सिद्धांत को लागू करने पर संदेह है। ऐसा इसलिए क्योंकि पिछले सप्ताह सरकार ने कांग्रेस सेवादल प्रमुख अनुराग शर्मा को निगम में तैनाती दी है। इसी तरह चौपाल विधानसभा क्षेत्र से संबंध रखने वाले सुरेंद्र शर्मा को एचपीएमसी में उपाध्यक्ष बनाया गया है। वे भी कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव हैं। ऐसे में चर्चा है कि इस बार भी यह सिद्धांत लागू नहीं होगा।
संगठनात्मक कौशल की परीक्षा
विनय कुमार ऐसे नेता हैं जिनका न तो किसी के साथ मतभेद है और न ही मनभेद। वह पहले कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उनके संगठनात्मक कौशल की परीक्षा होगी कि वह कार्यकारिणी में क्षेत्रीय और जातीय संतुलन कैसे बिठाते हैं। प्रदेश में कांग्रेस के छह दर्जन के करीब ब्लाक अध्यक्षों का चयन होना है, साथ ही कुछ नए ब्लाक भी बनाने की योजना है।
इसके अलावा 13 संगठनात्मक जिलों में अध्यक्षों की नियुक्ति होनी है। अध्यक्षों की तैनाती को लेकर कांग्रेस हाईकमान ने संगठन सृजन अभियान के तहत पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है। ये पर्यवेक्षक इन दिनों प्रदेश के दौरे पर हैं। इनकी रिपोर्ट के बाद ही जिलाध्यक्षों की नियुक्ति विनय कुमार कर सकेंगे।

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