Himachal News: केंद्र से मंजूर हुए बजट को हिमाचल का शिक्षा विभाग आधा ही खर्च पाया, कैग रिपोर्ट में सामने आए चौकाने वाले आंकड़े
Himachal Pradesh Cag Report हिमाचल प्रदेश सरकार शिक्षा क्षेत्र के लिए केंद्र से मिले बजट का सही इस्तेमाल नहीं कर पाई। कैग की रिपोर्ट के अनुसार केंद्र ने विभिन्न योजनाओं के तहत 31.85 करोड़ रुपये मंजूर किए लेकिन शिक्षा विभाग ने आधा ही खर्च किया। केंद्र के नियमों के अनुसार उपयोगिता प्रमाण पत्र देने पर ही अगली किस्त मिलेगी।

राज्य ब्यूरो, शिमला। Himachal Pradesh Cag Report, हिमाचल प्रदेश सरकार ने 2023-24 के दौरान शिक्षा क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए केंद्र से प्राप्त बजट का समुचित उपयोग नहीं किया है। हाल ही में हिमाचल प्रदेश विधानसभा में प्रस्तुत भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में यह तथ्य उजागर हुआ है कि केंद्र सरकार ने विभिन्न योजनाओं के तहत प्रदेश को 31.85 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया था।
लेकिन शिक्षा विभाग केवल आधा हिस्सा ही खर्च कर पाया। केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार, अगली किस्त तभी जारी की जाएगी जब उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया जाएगा।
इन योजनाओं का किया गया है उल्लेख
- राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल योजना, 9.74 करोड़
- प्रधानमंत्री यंग अचीवर छात्रवृत्ति पुरस्कार योजना, 0.66 करोड़
- श्री निवास रामानुजन छात्र डिजिटल योजना, 16.45 करोड़
- कल्पना चावला छात्रवृत्ति योजना, 2.47 करोड़
- खेल से स्वास्थ्य योजना, 1.82 करोड़
- मुख्यमंत्री ज्ञानदीप योजना, 0.71 करोड़
केंद्रीय योजनाओं का 53 प्रतिशत ही हो सका खर्च
कैग रिपोर्ट के अनुसार हिमाचल प्रदेश में शिक्षा विभाग द्वारा स्वीकृत चार केंद्र प्रायोजित योजनाओं में से केवल 53 प्रतिशत राशि ही खर्च की जा सकी। इन योजनाओं में मध्याह्न भोजन, न्यू इंडिया साक्षरता कार्यक्रम, समग्र शिक्षा अभियान और स्टार योजना शामिल हैं। इनका उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना और सीखने के परिणामों में सुधार करना है। विभिन्न योजनाओं के तहत आबंटित कुल बजट 668.15 करोड़ रुपये था, जिसमें से केवल 53 प्रतिशत ही उपयोग किया गया।
योजनाओं में कितना पैसा आया कितना खर्च
- योजना केंद्र से बजट राज्य द्वारा खर्च
- मध्याह्न भोजन 147.2 करोड़ 120.50 करोड़
- न्यू इंडिया साक्षरता कार्यक्रम 1.40 करोड़ 0.36 करोड़
- समग्र शिक्षा अभियान 334.59 करोड़ 193.50 करोड़
- स्टार योजना 185.10 करोड़ 40.30 करोड़)
विभाग आवंटित राशि खर्च करने में रहे असमर्थ
कैग के अनुसार, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, लोक निर्माण, ग्रामीण विकास, जनजातीय विकास और अनुसूचित जाति उप योजना जैसे विभागों को आवंटित राशि खर्च करने में असमर्थता दिखाई दी है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि विभागों को अपनी खर्च करने की क्षमता में सुधार करने की आवश्यकता है।
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