Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    हिमाचल का सेब हुआ बीमार! अचानक बर्बाद होने लगी फसल, परेशान बागवानों ने सीएम सुक्खू से की ये मांग

    Updated: Tue, 08 Jul 2025 05:55 PM (IST)

    हिमाचल प्रदेश में सेब की फसल में एक नई बीमारी फैलने से बागवान चिंतित हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वैज्ञानिक जांच के आदेश दिए हैं। बागवानों ने बताया कि सेब के पत्ते पीले पड़ रहे हैं और समय से पहले गिर रहे हैं जिससे पैदावार में भारी गिरावट आ रही है। सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए विशेषज्ञों को जांच के लिए भेजा है

    Hero Image
    हिमाचल प्रदेश में सेब की फसल बीमारी की चपेट में आ गई है।

    राज्य ब्यूरो, शिमला। Himachali Apples, हिमाचल प्रदेश में सेब की फसल में एक रोग लग रहा है, जिससे बागबान चिंतित हैं। रोग को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वैज्ञानिक जांच के निर्देश दिए हैं। ये निर्देश मुख्यमंत्री ने सेब उत्पादकों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान दिए।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    सेब उत्पादक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से भेंट कर उन्हें बताया कि उनके सेब के बगीचों में तेजी से एक नई बीमारी फैल रही है। इस बीमारी से उनकी फसलों को काफी नुकसान हो रहा है।

    प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से इस बीमारी की वैज्ञानिक जांच तथा नियंत्रण के लिए शीघ्र कार्रवाई करने का आग्रह किया। बागवानों ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस बीमारी के कारण सेब के पत्ते पीले पड़ रहे हैं तथा समय से पहले ही गिरने लगे हैं, जिससे सेब की पैदावार में भारी गिरावट आ रही है। उन्होंने कुलपति को सात दिनों के भीतर प्रदेश सरकार को विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि यथाशीघ्र उचित कदम उठाए जा सकें।

    नौणी विवि टीम करेगी निरीक्षण

    मुख्यमंत्री ने मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए डॉ. वाईएस परमार उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी सोलन के कुलपति से दूरभाष पर बात की तथा विश्वविद्यालय की विशेषज्ञ टीमों को अविलंब प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि इस बीमारी की वैज्ञानिक जांच की जाए तथा बागवानों को जमीनी स्तर पर रोकथाम एवं नियंत्रण उपायों बारे शिक्षित किया जाए।

    तेजी से फैल रही बीमारी

    मुख्यमंत्री ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह बीमारी तेजी से फैल रही है तथा बागवानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। इस स्थिति से यथाशीघ्र निपटना जरूरी है।

    उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि राज्य सरकार किसानों और फल उत्पादकों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने के लिए प्रतिबद्ध है और सभी आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि सेब उत्पादन राज्य की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है और हजारों परिवार इस क्षेत्र से अपनी आजीविका कमाते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान भी उपस्थित थे।

    यह भी पढ़ें- शिमला मंडी में सेब की रिकॉर्ड तोड़ बिक्री, डार्क बैरन गाला वैरायिटी ने मचाया धमाल; कीमत पहुंची 250 रुपये प्रति KG

    ये कोई नई बीमारी नहीं है क्लोरोसिस यानी पत्तियों का पीला होना सामान्य तौर पर अक्सर नाइट्रोजन की कमी के कारण होता है। जब पेड़ को नाइट्रोजन जैसे आवश्यक पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में नहीं मिलते हैं तो उसकी स्वस्थ हरी पत्तियां बनाए रखने की क्षमता प्रभावित होती है। परिणामस्वरूप पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं। ये विरोधी दवाओं के और गलत दवाओं के मिश्रण के कारण हो रहा है। जून में काफी तादाद में हुआ जब बागवानों से बात की तो उन्होंने शेड्यूल स्प्रे के स्थान पर देखा-देखी में दूसरी दवाओं का मिश्रण स्प्रे करने की बात बताई। देखादेखी में लोग निर्धारित मानकों के तहत स्प्रे नहीं कर रहे हैं। दवाओं को ज्यादा इस्तेमाल करने से भी ये हो रहा है।

    -डॉ. एसपी भारद्वाज, सेवानिवृत्त विज्ञानी।