यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 17, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Himachal Politics: हिमाचल के बागी विधायकों की याचिका पर कल होगी SC में सुनवाई, इस वजह से हुए थे आयोग्य घोषित
Himachal Political Crisis हिमाचल प्रदेश के बागी विधायकों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में कल सुनवाई होगी। शीर्ष अदालत की ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश में हाल ही में राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रास वोटिंग के कारण अयोग्य घोषित छह विधायकों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 18 मार्च को सुनवाई करेगा। इन छह विद्रोहियों सुधीर शर्मा, रवि ठाकुर, राजिंदर राणा, इंदर दत्त लखनपाल, चेतन्य शर्मा और देविंदर कुमार भुट्टो को सदन में पार्टी के पक्ष में मतदान करने के कांग्रेस के व्हिप का उल्लंघन करने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया था।
अदालत ने याचिकाकर्ताओं से की पूछताछ
शीर्ष अदालत की वेबसाइट पर अपलोड की गई सोमवार की वाद सूची के अनुसार, याचिका जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आएगी। उल्लेखनीय है 12 मार्च को शीर्ष अदालत ने याचिका पर सुनवाई के दौरान पीठ ने याचिकाकर्ताओं से पूछा था कि उन्होंने अपनी अयोग्यता को चुनौती देने के लिए हाई कोर्ट का रुख क्यों नहीं किया।
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हिमाचल में आ गया था सियासी संकट
छह बागी विधायकों को विधानसभा के दौरान अयोग्य घोषित किया था। इन विधायकों ने राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग में सुक्खू सरकार की जगह भाजपा को वोट दिए थे। इसके बाद से ही मानो हिमाचल पर सियासी संकट आ पड़ा था।
राज्यसभा में भाजपा की जीत के बाद हिमाचल के राजनीतिक सफर में खलबली मच गई थी। इसके बाद ये मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया। विधायकों ने हरियाणा के पंचकूला में डेरा जमा लिया था। वहीं अभी वह उत्तराखंड में हैं।
