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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 25, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Himachal Cloudburst: हिमाचल में तबाही मचा रहा मानसून, शिमला के रामपुर में फटा बादल; पानी में बह गई कई बीघा फसल

By Preeti GuptaEdited By: Preeti Gupta
Published: Sun, 25 Jun 2023 05:01 PM (IST)Updated: Sun, 25 Jun 2023 05:13 PM (IST)

Himachal Monsoon हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश ने चारों ओर व्यापक तबाही मचाई हुई है। इसी बीच शिमला के रामपुर ...और पढ़ें

हिमाचल में तबाही मचा रहा मानसून, शिमला के रामपुर में फटा बादल; पानी में बह गई कई बीघा फसल
हिमाचल में तबाही मचा रहा मानसून, शिमला के रामपुर में फटा बादल; पानी में बह गई कई बीघा फसल

शिमला, एजेंसी। Himachal Monsoon: हिमाचल प्रदेश में मानसून ने दस्तक दे दी है, इसी के साथ प्रदेश के विभिन्न जिलों में मूसलाधार बारिश हो रही है। वहीं, शिमला के रामपुर तहसील में सरपारा गांव में बादल फट गया है। जिससे भारी बारिश होने की संभावनाएं हैं। भारी बारिश के चलते भूस्खलन भी हुआ है, जिससे यातायात प्रभावित रहा है। सरपारा गांव में बादल फटने के कारण सबसे अधिक नुकसान किसानों को हुआ है। बादल फटने के बाद हुई बारिश से स्थानीय लोगों की कई बीघा फसल इस बाढ़ में बह गई।

बादल फटने से सरपारा गांव में हुआ भारी नुकसान

सरपारा गांव में बनीं14 मेगावाट की ग्रीनको प्रोजेक्ट की पेनस्टॉक लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई है। वहीं, लोहे की मोटी पाईप लाइन भी फट गई है। इसने क्षेत्र में और नुकसान ला दिया। पाईप लाइन भी फट जाने के कारण बाढ़ का पानी और अधिक बढ़ने लगा है। इसके अलावा, बाढ़ की चपेट में आने की वजह से एक गौशाला और एक आरा मशीन शेड को भी नुकसान पहुंचा है। वहीं, सड़कों का आवागमन भी प्रभावित हुआ है।

दूसरे दिन भी बंद रहा कालका-शिमला रेल ट्रैक

सोलन में हुई भारी बारिश के कारण भी काफी नुकसान हुआ है। विश्वधरोहर कालका-शिमला रेल ट्रैक शनिवार सुबह भारी वर्षा के कारण कई जगह भूस्खलन होने से बाधित हो गया। वहीं, दूसरे दिन भी रेल ट्रैक बाधित रहा।

कालका शिमला रेलमार्ग पर आज भी सभी ट्रेनों की आवाजाही रद्द कर दी गई है। इसके अलावा मंडी जिले के बल्ह, द्रंग व सराज विधानसभा क्षेत्र में रविवार रात हुई मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है।

1000 बीघा जमीन में भरा पानी

भूस्खलन व मलबा आने से कीरतपुर मनाली फोरलेन व पठानकोट मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों के पहिये थम गए हैं। ब्यास नदी का जलस्तर करीब 40,000 क्यूसेक तक पहुंच गया है। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बल्ह घाटी में करीब 1000 बीघा भूमि में जलभराव हो गया है। इससे टमाटर की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। जलभराव के कारण खेत से टमाटर निकालना मुश्किल हो गया है।

दुकानों और घरों में भरा पानी

बल्ह उपमंडल के रत्ती में दुकानों व घरों में पानी और मलबा घुसने से लोगों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। डडौर में लोगों के घरों व दुकानों में दो से तीन फीट तक पानी भरा हुआ है। घर के अंदर रखा सारा सामान खराब हो गया है।