Himachal Budget Session 2025: हिमाचल बजट सत्र में होगी 18 बैठकें, मार्च के पहले सप्ताह में शुरू होगा सेशन?
Himachal Budget Session 2025 हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र मार्च में होगा। सरकार 10 मार्च से 10 अप्रैल तक सत्र चलाना चाहती है लेकिन अफसरशाही 1 मार्च से 28 मार्च तक ही सत्र सीमित रखने का दबाव बना रही है। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना का कार्यकाल 31 मार्च को खत्म हो रहा है इसलिए अफसर जल्दी सत्र खत्म करना चाहते हैं।

राज्य ब्यूरो, शिमला। Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र मार्च महीने में शुरू होगा, ये तय हो चुका है। लेकिन बजट सत्र (Himachal Budget Session 2025) को लेकर सरकार चाहती है कि 10 मार्च से 10 अप्रैल तक आयोजित किया जाए। लेकिन प्रदेश सरकार की अफसरशाही ने ऐसा दबाव बनाया है कि बजट सत्र 1 मार्च को शुरू करके 28 मार्च को समाप्त कर दिया जाए। कैबिने
बजट सत्र के दौरान बैठकों की संख्या 14 से 18 रखी जा सकती हैं। बजट सत्र के आयोजन को लेकर अंतिम निर्णय मंत्रिमंडल (Himachal Cabinet Meeting) की बैठक में लिया जाएगा। बजट सत्र के संबंध में प्रस्ताव विधानसभा सचिवालय की ओर से एक सप्ताह पहले सरकार को भेजा गया था।
सचिवालय में बजट सत्र (Himachal Budget Session) को लेकर अधिकारियों की ओर से मंत्रियों को सत्र मार्च महीने के अंत में ही समाप्त करने के लिए राजी किया जा रहा है। प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक आज प्रस्तावित थी, लेकिन अपरिहार्य कारणों से मंत्रिमंडल बैठक 15 फरवरी को सुबह ग्यारह बजे निर्धारित की गई है।
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28 मार्च तक बजट सत्र की अवधि क्यों
हिमाचल प्रदेश की अफसरशाही चाहती है कि बजट सत्र (Himachal Budget 2025) 28 मार्च तक सीमित किया जाए। इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि वर्तमान मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना का कार्यकाल 31 मार्च तक है। ऐसे में बजट सत्र को मार्च महीने की पहली तारीख से शुरू करके 28 मार्च तक समाप्त किया जाए। सत्र के दौरान 14 बैठकें आयोजित हो सकती हैं।
10 अप्रैल तक सत्र की योजना
हिमाचल सरकार चाहती है कि बजट सत्र (Budget Session 2025) अप्रैल माह तक चले। ताकि विपक्ष को अपनी बात रखने का भरपूर समय मिले। इसके लिए सत्र 10 मार्च से शुरू करने का प्रस्ताव है।
सत्र की अवधि को राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला के अभिभाषण पर चर्चा के लिए 6 दिन, बजट चर्चा के लिए 6 दिन और कटौती प्रस्ताव के लिए 3 दिन के तौर पर विभाजित किया जा सकता है। पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण और सत्र के दौरान एक दिन बजट पेश होगा।
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