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    हिमाचल में बढ़ेगा पर्यटन का कारोबार, सुक्खू सरकार की नई नीति से टूरिस्टों को मिलेगा लाभ; पढ़िए क्या बोले HPTDC के अध्यक्ष रघुबीर सिंह

    Updated: Thu, 13 Feb 2025 01:47 PM (IST)

    हिमाचल में टूरिस्टों के फायदे के लिए सरकार एक नई नीति लेकर आई है। इसका लाभ विशेष रूप से पर्यटकों को मिलेगा। इस क्षेत्र को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार बड़ी व छोटी अवधि दो तरह की योजनाओं पर काम कर रही है। कांगड़ा शिमला सहित हर जिला में कार्निवाल का आयोजन किया जा रहा है। पर्यटकों की सुविधाएं देने को लेकर सरकार अधिक गंभीर होकर काम कर रही है।

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    हिमाचल में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार लेकर आई नई नीति (फाइल फोटो)

    हिमाचल की खूबसूरत वादियां विदेशी पर्यटकों को भी लुभाती है। यही कारण है कि प्रतिवर्ष लाखों पर्यटक हिमाचल घूमने के लिए आते हैं। हिमाचल में धार्मिक, साहसिक व धरोहर (हेरिटेज) तीनों ही तरह के पर्यटन स्थल है। हिमाचल सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नई नीति लेकर आई है। हमारी सरकार कोरी घोषणाएं नहीं बल्कि योजनाओं को धरातल पर लागू करने में विश्वास रखती है।

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    मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू स्वयं पर्यटन को बढ़ावा देने में रुचि लेते हैं और समय-समय पर हमें भी दिशा निर्देश देते हैं। एशियन विकास बैंक (एडीबी) के सहयोग से मंदिरों का सुंदरीकरण और शक्तिपीठों को धार्मिक गलियारों के माध्यम से जोड़ा जा रहा है, ताकि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिले।

    कांगड़ा व शिमला सहित हर जिला में कार्निवाल का आयोजन करवाया जाएगा। सरकार के प्रयासों का ही परिणाम है कि हिमाचल में न केवल मूलभूत सुविधाएं बढ़ी है बल्कि पर्यटकों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। पर्यटन की योजनाओं को लेकर हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास बोर्ड (एचपीटीडीबी) के उपाध्यक्ष व हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एचपीटीडीसी) के अध्यक्ष रघुबीर सिंह बाली से 
दैनिक जागरण के संवाददाता अनिल ठाकुर ने विशेष बातचीत की। प्रस्तुत हैं प्रमुख अंश।

    जम्मू-कश्मीर व उत्तराखंड के बजाय पर्यटक हिमाचल का रुख करें क्या यह संभव है, इस दिशा में सरकार क्या कदम उठा रही है?

    हिमाचल में धार्मिक, साहसिक और हेरिटेज तीनों ही तरह के पर्यटन की अपार संभावना है। पूर्व सरकार के पर्यटन क्षेत्र पर ध्यान न देने की वजह से हिमाचल को नुकसान हुआ है। हमारी सरकार इस पर काम कर रही है।

    हिमाचल में हाल ही में पैराग्लाइडिंग विश्वकप का आयोजन किया गया। इससे हिमाचल का नाम न केवल देश बल्कि विश्व में हुआ है। नए पर्यटन स्थल हों या पर्यटकों को लुभाने के लिए पैकेज इस पर काम चल रहा है। आंकड़े स्वयं बताएंगे कि हिमाचल में पर्यटकों की संख्या में कितनी बढ़ोतरी हुई है।

    हर सरकार नए पर्यटन स्थल विकसित करने की घोषणा करती है, लेकिन हुआ कुछ नहीं। क्या कहेंगे?

    -मैं यह कहूंगा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार घोषणाएं नहीं बल्कि योजनाओं को धरातल पर उतारने में विश्वास रखती है। प्रदेश के जिन क्षेत्रों में पर्यटन की संभावना है वहां के लिए अलग-अलग योजनाएं बनाई हैं। जनजातीय क्षेत्रों के लिए 30 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट केंद्र से स्वीकृत करवाया है, ताकि पर्यटक इन क्षेत्रों में पहुंचे। इससे न केवल पर्यटन बढ़ेगा बल्कि इन क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। एशियन विकास बैंक (एडीबी) के सहयोग से प्रदेश के मंदिरों का सुंदरीकरण किया जा रहा है। शक्तिपीठों को धार्मिक गलियारों से जोड़ा जा रहा है, ताकि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिले।

    साहसिक पर्यटन के लिए हम कई तरह के कार्य कर रहे हैं। योजना बनाने व लागू करने में लंबा समय निकल जाता है, इसमें व्यवस्था परिवर्तन कर रहे हैं?

    -पर्यटन क्षेत्र को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार बड़ी व छोटी अवधि दो तरह की योजनाओं पर काम कर रही है। पहली जिसमें योजनाएं बनाकर कार्य होगा। इसके लिए बजट का प्रविधान किया जा रहा है। दूसरी प्रदेशभर में कार्निवाल का आयोजन किया जा रहा है। कांगड़ा व शिमला सहित हर जिला में कार्निवाल का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रयास पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ही है। जब पर्यटक आएगा तो केवल होटलों को ही लाभ नहीं होगा, बल्कि जब वे खरीदारी करेंगे उस पर जीएसटी चुकता करेंगे। इससे सरकार के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।

    हिमाचल में पर्यटकों के लिए सुविधाओं का अभाव है, कैसे दूर करेंगे? 

    इस पर सरकार गंभीरता से काम कर रही है। मुख्यमंत्री सुक्खू स्वयं बैठकें कर रहे हैं। दिल्ली, चंडीगढ़ व अन्य स्थानों पर आयोजित पर्यटन कनक्लेव में भी भाग लिया है। कई बड़े होटल ग्रुप के साथ बात चल रही है। नामी होटल हिमाचल में खुले भी हैं जबकि कुछ खुलने जा रहे हैं। हिमाचल में पांच सितारा होटल का निर्माण हो रहा है।

    कनेक्टिविटी कितनी महत्वपूर्ण है, सरकार इस पर क्या काम कर रही है?

    पर्यटन तभी बढ़ेगा जब हिमाचल में यातायात की अच्छी सुविधा मिलेगी। हिमाचल में नए फोरलेन बन रहे हैं। सरकार ने ग्रीन कारिडोर बनाए हैं। इन पर ई-वाहन चार्जिंग की सुविधा के साथ होटल की सुविधा भी मिलेगी। औहर में इस पर काम शुरू हो चुका है। अन्य स्थानों पर भी योजना स्वीकृत हो चुकी है। एयर कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए केंद्र के साथ लगातार बातचीत चल रही है। इसके अतिरिक्त अन्य योजनाओं पर भी काम चल रहा है। इसके परिणाम आने भी शुरू हो गए हैं।

    एचपीटीडीसी के होटल में पर्यटक क्यों ठहरना पसंद नहीं करते?

    एचपीटीडीसी के होटल हर स्थान पर हैं और अच्छी सुविधाएं देते हैं। इनमें मैगा रेनोवेशन की जरूरत है जिस पर सरकार ने काम भी शुरू कर दिया है। होटल को हम केवल ठहरने के मकसद से ही नहीं देखते। इनमें कई तरह की पार्टियां व शादी इत्यादि भी होते हैं। एचपीटीडीसी का टर्न ओवर 87 करोड़ रुपये था उसे बढ़ाकर 109 करोड़ रुपये किया गया है। आने वाले दिनों में इसे और बढ़ाया जाएगा। सभी होटल लाभ में होंगे।

    केंद्र पर्यटन क्षेत्र में कितना सहयोग कर रही है?

    हिमाचल में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं तैयार कर स्वीकृति के लिए केंद्र को भेजी गई है। एडीबी के माध्यम से 2400 करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम चल रहा है। कई नए प्रस्ताव दिए गए हैं।

    हिमाचल में गोल्फ कोर्स, वेडिंग डेस्टिनेशन, पुरानी मनाली का जीर्णोद्धार, चंबा को विकसित करना, जनजातीय क्षेत्रों में पर्यटन को विकसित करने की योजनाओं पर काम चल रहा है।

    मैं व्यक्तिगत रूप से कई बार केंद्रीय पर्यटन मंत्री से मुलाकात कर हिमाचल से जुड़े मसलों पर बात की है। मैं इंटरनेट मीडिया पर मुलाकातों की फोटो नहीं डालता, लेकिन जो काम कर रहा हूं वह स्वयं धरातल पर दिखाई दे रहे हैं। केंद्रीय पर्यटन मंत्री से हाल ही में मुलाकात की है।