Himachal Budget: बजट से पहले सरकार को घेरने का प्लान बनाएगी BJP, विधायक दल की बैठक में तय होगी रणनीति
हिमाचल प्रदेश भाजपा आगामी बजट सत्र के लिए अपनी रणनीति 3 मार्च को तय करेगी। शिमला में होने वाली इस बैठक में राज्य सरकार के मंदिरों के पैसे को लेने के मसले पर सदन के भीतर उठाकर सत्ता पक्ष को घेरने की रणनीति तय की जानी है। भाजपा सबसे ज्यादा उग्र वर्तमान में मंदिरों की राशि को लेने के मसले पर है। बजट सत्र 10 मार्च से शुरू किया जाएगा।
जागरण संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश भाजपा आगामी बजट सत्र को लेकर अपनी रणनीति 3 मार्च को तय करेगी। सोमवार को शाम सात बजे शिमला में विधायक दल की बैठक होनी है।
इसमें आगामी बजट सत्र के लिए पूरा खाका तैयार किया जाएगा। राजधानी शिमला में होने वाली इस बैठक में हाल ही में राज्य सरकार के मंदिरों के पैसे को लेने के मसले पर सदन के भीतर उठाकर सत्ता पक्ष को घेरने की रणनीति तय की जानी है।
सदन में उठ सकता है मंदिरों से राशि लेने का मामला
भाजपा सबसे ज्यादा उग्र वर्तमान में मंदिरों की राशि को लेने के मसले पर है। ऐसे में माना जा रहा है कि भाजपा मंदिरों की राशि लेने के मसले को सदन में प्राथमिकता से उठा सकती है।
इसके साथ ही प्रदेश में हो रहे अन्य मामलों को उठा कर सत्तापक्ष को घेरने की तैयारी है। हिमाचल में बजट सत्र 10 मार्च से शुरू होना है। ऐसे में भाजपा एडवांस में रणनीति तैयार करेगी।
यह भी पढ़े-पर्यटकों को शिमला घूमना पड़ेगा महंगा! बाहरी गाड़ियों से ग्रीन टैक्स वसूलने की तैयारी, कब होगा लागू?
इसके बाद सत्र के शुरू होने से पहले फिर से एक विधायक दल की बैठक की जानी प्रस्तावित है। अंतिम रणनीति अगली विधायक दल की बैठक में तैयार होगी। इसमें पार्टी के विधायकों से सामान्य चर्चा भी की जानी प्रस्तावित है।
28 मार्च तक बजट सत्र की अवधि क्यों
हिमाचल प्रदेश की अफसरशाही चाहती है कि बजट सत्र (Himachal Budget 2025) 28 मार्च तक सीमित किया जाए। इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि वर्तमान मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना का कार्यकाल 31 मार्च तक है।
ऐसे में बजट सत्र को मार्च महीने की पहली तारीख से शुरू करके 28 मार्च तक समाप्त किया जाए। सत्र के दौरान 14 बैठकें आयोजित हो सकती हैं।
10 अप्रैल तक सत्र की योजना
हिमाचल सरकार चाहती है कि बजट सत्र (Budget Session 2025) अप्रैल माह तक चले। ताकि विपक्ष को अपनी बात रखने का भरपूर समय मिले। इसके लिए सत्र 10 मार्च से शुरू करने का प्रस्ताव है।
सत्र की अवधि को राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला के अभिभाषण पर चर्चा के लिए 6 दिन, बजट चर्चा के लिए 6 दिन और कटौती प्रस्ताव के लिए 3 दिन के तौर पर विभाजित किया जा सकता है। पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण और सत्र के दौरान एक दिन बजट पेश होगा।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।