शिमला से कई विभागों के मुख्यालयों को किया जाएगा शिफ्ट, सरकार ने बताई लिस्ट; क्या है आखिर वजह?
हिमाचल प्रदेश सरकार ने शिमला पर बढ़ते जनसंख्या दबाव और बुनियादी सुविधाओं पर बढ़ते खर्च को कम करने के लिए कई विभागों के मुख्यालयों को शिमला से स्थानांतरित करने का फैसला किया है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता वाली संसाधन सृजन मंत्रिमंडलीय उपसमिति ने सरकार को सिफारिश की है कि जिन कार्यालयों का शिमला में औचित्य नहीं है उन्हें कांगड़ा हमीरपुर मंडी कुल्लू और चंबा भेजा जाए।

राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला पर बढ़ता जनसंख्या दबाव, ट्रैफिक जाम और मूलभूत सुविधाओं पर बढ़ता खर्च सरकार के लिए परेशानी का कारण बनता जा रहा है।
दो दशक से शिमला शहर पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए सरकार मंथन करती रही है। कांग्रेस सरकार ने इसके समाधान के लिए कई विभागों को मुख्यालयों को शिमला से स्थानांतरित करने का मन बना लिया है।
इस संबंध में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में गठित संसाधन सृजन मंत्रिमंडलीय उपसमिति ने सरकार को सिफारिश की है। उपसमिति का कहना है कि जिन कार्यालयों का शिमला में औचित्य नहीं है, उन्हें कांगड़ा, हमीरपुर, मंडी, कुल्लू व चंबा भेजा जाए।
इस संबंध में एक साल पहले सरकार ने सैद्धांतिक निर्णय लिया था। कमेटी ने सरकार को सिफारिश संबंधी रिपोर्ट सौंप दी है। पिछली सरकारों में महेंद्र सिंह ठाकुर, कौल सिंह ठाकुर व रविंद्र सिंह रवि इस मंत्रिमंडलीय उपसमिति के अध्यक्ष रह चुके हैं।
शिक्षा बोर्ड धर्मशाला हुआ था स्थानांतरित
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड का कार्यालय वर्ष 1983 में शिमला से धर्मशाला ले जाया गया था। इसके बाद तकनीकी शिक्षा निदेशालय को सुंदरनगर और मत्स्य विभाग को बिलासपुर स्थानांतरित किया गया।
इन्हें भी बदलने की तैयारी: राज्य कौशल विकास निगम, राज्य ट्रांसमिशन निगम व राज्य ऊर्जा निगम को भी दूसरे स्थान पर भेजा जा सकता है। भाजपा सरकार के समय में राज्य विद्युत निगम को सुंदरनगर व सलापड़ में खाली पड़ी बीबीएमबी कॉलोनी में ले जाने की चर्चा शुरू हुई थी। घाटे में चल रहे कुछ निगम-बोर्डों को भी बंद करने या एक-दूसरे में समायोजित करने की भी संभावना है।
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25 हजार से साढ़े तीन लाख हो गई जनसंख्या
शिमला शहर को 25 हजार की जनसंख्या के लिए विकसित किया गया था, लेकिन आज इसकी जनसंख्या साढ़े तीन लाख से अधिक हो गई है। इस दबाव को कम करने के लिए सरकार ने पहले ही निजी भवनों में चल रहे कार्यालयों को सरकारी भवनों में स्थानांतरित करने का आदेश दिया था।
शिफ्ट होने वाले मुख्यालय
- पर्यटन विकास निगम: धर्मशाला में स्थानांतरित करने की सिफारिश की गई है।
- उच्च शिक्षा विभाग: शिक्षा विभाग का पुनर्गठन होने के बाद इसे हमीरपुर ले जाने की योजना हैl
- वन्य प्राणी प्रभाग: देहरा के बनखंडी में विकसित हो रहे चिड़ियाघर को देखते हुए इसे कांगड़ा जिले में स्थानांतरित किया जा सकता हैl
- राज्य हस्तशिल्प एवं हथकरघा विकास निगम: कुल्लू स्थानांतरित किए जाने की संभावना है। l
- सामान्य औद्योगिक विकास निगम: इसे नूरपुर ले जाने की योजना है। राज्य ऊन फेडरेशन : चंबा भेजा जा सकता है।
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