Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck

    धर्मशाला छात्रा की मौत पर CPIM ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग, शिमला में सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दिया धरना  

    Updated: Fri, 02 Jan 2026 06:43 PM (IST)

    भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने धर्मशाला की छात्रा पल्लवी की मौत पर दुख व्यक्त किया है और निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। पार्टी ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    शिमला में रिज मैदान में धरना देते सामाजिक कार्यकर्ता। फोटो जागरण

    जागरण संवाददाता, शिमला। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने धर्मशाला में कॉलेज की 19 वर्षीय छात्रा पल्लवी की मौत पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति हार्दिक संवेदनाएं प्रकट की हैं। पार्टी ने इस मामले को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

    सीपीआई(एम) के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सचिव संजय चौहान के नेतृत्व में शिमला में पुलिस महानिदेशक हिमाचल प्रदेश से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में राज्य कमेटी सदस्य जगत राम, जगमोहन ठाकुर, राम सिंह सहित बालक राम, विवेक कश्यप, शामिल रहे।

    ज्ञापन में छात्रा की मौत से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच, दोषियों की पहचान और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की गई। पार्टी ने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई में देरी हुई है। परिजनों का कहना है कि उन्होंने पहले भी पुलिस को जानकारी दी थी, लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं हुई।

    साथ ही छात्रा अनुसूचित जाति से संबंधित थी, ऐसे में जातिगत उत्पीड़न के पहलू की भी गहन जांच की मांग की गई है। पुलिस महानिदेशक ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि मामले की जांच डीएसपी की अगुवाई में की जाएगी।

    सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शिमला में दिया धरना

    19 वर्षीय छात्रा की इलाज के दौरान मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। लड़की का इलाज के दौरान मौत से पहले का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें वह शिक्षक पर कई आरोप लगा रही है।

    मृतक छात्रा के पिता की शिकायत पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। शिकायत के आधार पर एक प्रोफेसर सहित चार लोगों के खिलाफ रैगिंग और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

    मामले को लेकर शिमला में सामाजिक कार्यकर्ता रवि कुमार व अन्य ने रिज पर महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने धरना दिया। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग की है।