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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 19, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Himachal: 300 यूनिट फ्री बिजली पर CM सुक्खू का आया जवाब, क्या स्मार्ट मीटर खाएगा नौकरियां? सरकार ने भरा नेताओं का लाखों का बिल

Published: Tue, 19 Aug 2025 02:35 PM (GMT+05:30)Updated: Tue, 19 Aug 2025 04:55 PM (GMT+05:30)

Hmachal Pradesh News मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार 125 यूनिट बिजली मुफ्त दे रही है और भविष्य ...और पढ़ें

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू विधानसभा सत्र के दौरान संबोधित करते हुए।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू विधानसभा सत्र के दौरान संबोधित करते हुए।

राज्य ब्यूरो, शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार लोगों को 125 यूनिट बिजली निश्शुल्क दे रही है। इसे अभी तक बंद नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार बिजली क्षेत्र में सुधार की दिशा में आगे बढ़ रही है। राज्य सरकार ने लोगों से आग्रह किया था कि वे स्वेच्छा से बिजली सब्सिडी को छोड़ें। प्रदेश में 12 से 15 हजार लोगों ने यह सब्सिडी छोड़ी है, जिससे बिजली बोर्ड को 59 लाख रुपये का लाभ हुआ है।

उन्होंने कहा कि भविष्य में आर्थिक समर्थता पर 300 यूनिट बिजली निश्शुल्क देने पर भी विचार किया जाएगा। वह मंगलवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विधायक सुधीर शर्मा और केवल सिंह पठानिया के संयुक्त सवाल का जवाब दे रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के विधायक और मंत्रियों ने भी यह सब्सिडी छोड़ दी है। विपक्ष भी इसमें अपना योगदान करे तो अच्छा संदेश जाएगा। 

कैबिनेट रैंक प्राप्त नेताओं का सरकार ने भरा 17 लाख बिजली बिल

इससे पहले, मूल सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गत वर्ष से 20 फरवरी 2025 तक कैबिनेट रैंक प्राप्त नेताओं के बिजली बिलों पर सरकार द्वारा 17,95,879 रुपये का व्यय किया जा चुका है।

स्मार्ट बिजली मीटर के लिए चयनित कंपनी अन्य राज्यों में ब्लैकलिस्ट

इससे पहले, विधायक सुधीर शर्मा ने कहा कि क्या सरकार ने स्मार्ट बिजली मीटर लगाने के लिए ऐसी कंपनी का चयन किया है, जिन्हें अन्य राज्य में ब्लैक लिस्ट किया गया है। साथ ही पूछा कि सरकार अपनी 300 यूनिट बिजली निशुल्क देने की गारंटी को कब पूरी करेगी। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि स्मार्ट बिजली मीटर लगाने का कार्य जिन कंपनियों को सौंपा है, वह अन्य राज्य में ब्लैक लिस्टेड है, इसका पता लगाएंगे। 

बीपीएल श्रेणी में शामिल व्यक्ति के नाम 79 बिजली मीटर

विधायक केवल सिंह पठानिया ने पूछा कि कई बीपीएल परिवार ऐसे हैं, जिनके नाम पर 79 मीटर लगे हैं और वह सब्सिडी ले रहे हैं और कई उद्योग भी ऐसे हैं, जिन्होंने कई मीटर लगाए हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायक ने सही कहा है। बीपीएल के एक व्यक्ति के नाम 79 मीटर हैं। एक के 75 और एक के नाम पर 70 मीटर लगे हैं।

बिजली बिल काटने वालों का होगा युक्तीकरण

वहीं, विधायक डॉ. हंसराज ने जानना चाहा कि जब सरकार स्मार्ट बिजली मीटर लगाएगी तो क्या तब बिजली बिल काटने वाले युवाओं की नौकरी चली जाएगी। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसी का रोजगार वापस नहीं लेती। इन्हें युक्तीकरण के तहत दूसरे कार्यों में लगाया जाएगा।

14,78,945 स्मार्ट कंज्यूमर मीटर लगाने की स्वीकृति

सीएम ने कहा कि प्रदेश में अभी तक आईपीडीएस तथा आरडीएसएस योजनाओं के तहत कुल 6,52,955 स्मार्ट मीटर शिमला शहर, धर्मशाला शहर तथा शिमला जोन के तहत आने वाले कुछ क्षेत्रों में लगाए जा चुके हैं। शिमला जोन के अन्तर्गत बाकी बचे क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य फरवरी, 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है, जबकि मण्डी, हमीरपुर तथा धर्मशाला जोन के अंतर्गत सिस्टम मीटर तथा प्रायरटी कंज्यूमर के लिए 5,05,078 स्मार्ट मीटर लगाने के लिए आदेश दे दिया है। इसके अलावा 14,78,945 स्मार्ट कंज्यूमर मीटर लगाने के कार्य को राज्य बिजली बोर्ड की बीओडी ने स्वीकृति दे दी है। 

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