शिमला, राज्य ब्यूरो। ई-मार्केटिंग धोखाधड़ी से सावधान रहें क्योंकि ई-कॉमर्स वेबसाइट्स का डाटा चोरी हो रहा है। ठग फिशिंग नामक नया तरीका अपना रहे हैं। इसमें उत्पाद खरीदने के लिए उपयोगकर्ता के पीडीएफ अटैचमेंट का इस्तेमाल लॉग इन क्रेडेंशियल चोरी करने के लिए होने लगा है। इस संबंध में हिमाचल सीआइडी के साइबर सेल ने गृह मंत्रालय की गाइडलाइन जारी की है। उपभोक्ताओं से नामी कंपनियों के प्रतिनिधि बनकर ठग आपसे बात करेंगे। वे बातों ही बातों में निजी सूचनाएं साझा करने के लिए कहेंगे।

एसएमएस की आड़ में आधार कार्ड से जुड़े बैंक खाते व क्रेडिट कार्ड की जानकारी हासिल कर लेंगे। ठगों के बिछाए जाल में आप इतने फंस जाएंगे कि ओटीपी तक दे देंगे। इसके बाद इसका दुरुपयोग होगा। एसपी (साइबर क्राइम) संदीप धवल ने कहा कि देशभर में ई-मार्र्केंटग धोखाधड़ी हो रही है। ऑनलाइन शॉपिंग के संबंध में यही बात लागू होती है। शॉपिंग का पैसा एडवांस दिया गया हो या बाद में लेकिन जो भी कॉल बीच में आती है, उसे शक की नजर से देखा जाए। किसी से भी निजी जानकारियां साझा न करें।

 ये दी गई सलाह

-विश्वसनीय ई-कॉमर्स संगठन किसी भी लॉग इन को खोलने के लिए लॉग इन क्रेडेंशियल नहीं पूछते हैं।

-हमेशा प्रमाणिकता सत्यापित करने के लिए प्रेषक का ई-मेल पता व डोमेन देखें।

-अधिकारिक वेबसाइट्स पर क्रय चालान, बिल की हमेशा जांच करें।

-अज्ञात स्त्रोतों द्वारा भेजे गए किसी लिंग, अटैचमेंट पर क्लिक न करें क्योंकि इनमें डिवाइस को संक्रमित

करने के लिए वायरस या दुर्भावनापूर्ण कोड हो सकता है।

ऑनलाइन ठगी के कई मामले

हिमाचल में ऑनलाइन ठगी के कई मामले सामने आ चुके हैं। कई छात्राओं को साड़ी के नाम पर ठगों ने चूना लगाया तो किसी ने उत्पादों की गुणवत्ता सही न होने की शिकायत की है 

भोरंज में यूको बैंक उपभोक्ता के खाते से उड़ाए 20,800 रुपये

यूको बैंक की स्थानीय शाखा के एक उपभोक्ता के खाते से शातिरों ने 20 हजार 800 रुपये उड़ा लिए हैं। इसकी लिखित शिकायत बैंक प्रबंधक से की गई है। सधिरयाण पंचायत के दियालड़ी निवासी विजय कुमार ने बताया कि यूको बैंक के खाता नंबर 10410100010287 में से जुलाई 2019 से लेकर अब तक 40 रुपये से लेकर आठ हजार रुपये तक नौ  बार निकाले गए हैं। उन्हें इस बारे में तब पता चला जब बैंक में जाकर पासबुक में एंट्री करवाई। इस संबंध में बैंक प्रबंधक को बताया गया, लेकिन समस्या का कोई हल नहीं हुआ। विजय ने इसके बाद अपना एटीएम बंद करवा दिया और 26 अगस्त को नया एटीएम लिया।

नए एटीएम कार्ड से 10 सितंबर को तरक्वाड़ी एचडीएफसी एटीम से दस हजार निकाले तो उस समये खाते में 7000 हजार रुपये शेष थे, लेकिन उसके बाद बैंक में पासबुक की एंट्री करवाई तो खाते में केवल 39 रुपये ही बचे थे। शिकायतकर्ता विजय कुमार राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जलाड़ी में चपरासी के पद पर सेवारत है। उधर, बैंक मैनेजर आरएच चंदेल का कहना है कि विजय कुमार की लिखित शिकायत मिली है। एटीम का नंबर किसी को बताने के कारण ऐसा हुआ है। उन्होंने कहा कि बैंक इसकी जांच कर रहा है।

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Posted By: Babita kashyap

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