Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    Mandi Mosque Case: शिमला के बाद मंडी में मस्जिद विवाद, प्रदर्शनकारियों ने जुमे के दिन जेल रोड पर किया हनुमान चालीसा का पाठ

    Updated: Fri, 13 Sep 2024 02:29 PM (IST)

    Jail Road Masjid Case जेल रोड मस्जिद पर आयुक्त कोर्ट ने आज फैसला सुना दिया है। अवैध ढांचे को गिराना होगा। कोर्ट के फैसले के बाद प्रदर्शनकारियों की भीड़ जेल रोड की तरफ बढ़ने लगी। धरने पर बैठे लोगों ने हनुमान चालीसा का पाठ किया। इलाके में शांति बनाए रखने के लिए धारा 163 लागू कर दी गई है। लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

    Hero Image
    Mandi Masjid: जेल रोड मस्जिद पर आयुक्त कोर्ट का बड़ा फैसला, गिरेगा अवैध ढांचा।

    जागरण संवाददाता, मंडी। Mandi Mosque Case News: जेल रोड मस्जिद मामले पर नगर निगम मंडी के आयुक्त कोर्ट ने आज फैसला सुना दिया है। आयुक्त एचएच राणा ने कहा कि मस्जिद के अवैध ढांचे को गिराना होगा। फैसले के बाद प्रदर्शनकारी उग्र हो गए हैं। जेल रोड की तरफ अचानक भीड़ बढ़ने लगी है। धरने पर बैठे लोगों ने हनुमान चालीसा का पाठ किया। जिला दंडाधिकारी अपूर्व देवगन ने सात वार्डों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लगाई है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इस मसले को लेकर प्रदेश में शांति बनाई रखी जाएगी। इस पर सर्व समिति हुई है। शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखा जाए। मस्जिद को लेकर कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।

    प्रदर्शन कर रहे लोग ढांचा तोड़ने पर अड़ गए हैं। उपायुक्त ने मस्जिद का ढांचा सील करने के आदेश दिए हैं।

    धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों ने किया हनुमान चालीसा का पाठ।

    जेल रोड मस्जिद पर फैसला आने के बाद शहर में प्रदर्शन शुरू हो गया है। जेल रोड की ओर भीड़ बढ़ रही है। भीड़ को नियंत्रण करने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर वाटर केनन का प्रयोग किया है। डीसी मंडी मौके पर मौजूद हैं।

    जेल रोड मस्जिद पर आयुक्त कोर्ट का बड़ा फैसला आ गया है। आयुक्त एचएच राणा ने अपना फैसला सुना दिया है। उन्होंने कहा कि जेल रोड मस्जिद का अवैध ढांचा को गिराना होगा। पुरानी स्थिति बहाल करनी होगी। मुस्लिम पक्ष 30 दिनों के अंदर अपील कर सकेगा।

    सेरी मंच पर प्रदर्शन शुरू हो गया है। प्रदर्शन कर रहे लोग हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे हैं। मौके पर भारी भीड़ जुटने लगी है।

    नगर निगम की गाड़ी में पार्षद योगराज के साथ निगम कार्यालय मुस्लिम पक्षकार पहुंच गए हैं। आयुक्त कोर्ट में मामले की सुनवाई शुरू हुई।

    एडीसी मंडी रोहित राठौर व एडीएम डॉ. मदन कुमार एमसी कार्यालय की ओर जा रहे हैं। रुमित ठाकुर व कमल मंडी नहीं आएंगे।

    उपायुक्त कार्यालय में पुलिस का कड़ा पहरा है। बिना एंट्री के किसी को प्रवेश की इजाजत नहीं है।

    नगर निगम कार्यालय के सभी रास्ते बंद कर दिए गए हैं। निगम कार्यालय के बाहर दमकल की गाड़ी खड़ी की गई है।

    एडीजीपी कानून व्यवस्था अभिषेक त्रिवेदी ने व्यवस्था की जांच की।

    पंजाब से मंगवाया गया पुलिस का वरुण वाहन। आंसू गैस के साथ जवान तैनात।

    सकोढी चौक पर तीन लेयर बेरिकेड्स लगाए गए है। इसमें पानी की मोटी पाइप डाली गईं है। 

    उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन स्थिति का जायजा लेते हुए। 

    मस्जिद के बाहर पुलिस जवान तैनात है। 

    मस्जिद के द्वार पर ताला लगा हुआ है। आयुक्त कोर्ट आज फैसला सुनाएगा।

    मस्जिद को जाने वाला सकोढी चौक पर पुलिस का कड़ा पहरा है। 

    अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी डॉ. मदन कुमार ने कहा कि मस्जिद मामले की सुनवाई को देखते हुए मंडी शहर की सात वार्डों में बीएनएसएस की धारा 163 लगाई गई है। लोगों से आग्रह है कि वह कानून का पालन करें।

    पुलिस प्रशासन ने जेल रोड मार्ग पर सुबह नौ बजे से दोपहर बाद दो बजे तक सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। होटल प्रताप से पुल घराट मार्ग पर वाहनों की एकतरफा आवाजाही रहेगी।

    मंडी में शुक्रवार को नमाज के लिए मुस्लिम समुदाय के कई लोग एकत्रित होते हैं। दोनों समुदाय में टकराव की स्थिति न बनें इसके लिए सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। मस्जिद को जाने वाले हर रास्ते में पुलिस जवान तैनात किए गए हैं।

    बीएनएसएस की धारा 163 के आदेश ड्यूटी मजिस्ट्रेट, सरकारी कर्मचारियों, दमकल विभाग, पुलिस, अर्धसैनिक बल, विद्युत, जलशक्ति, नगर निगम, एंबुलेंस व प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर लागू नहीं होंगे। उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

    पुलिस अधीक्षक मंडी को इन आदेशों की सख्ती से पालना करने व अवहेलना करने वालों के विरुद्ध बीएनएस की धारा 223 के तहत कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं। बीएनएस की धारा 223 में अवज्ञा, मानव जीवन, स्वास्थ्य व सुरक्षा के लिए खतरा होने पर एक वर्ष की कैद व पांच हजार जुर्माना या दोनों से भी दंडित किया जा सकता है।

    कमेटी की रिपोर्ट मिलने के बाद आयुक्त कोर्ट मस्जिद अवैध निर्माण पर अपना निर्णय सुना सकता है। हिंदू संगठनों ने निर्णय न आने की सूरत में धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी है। आम लोगों के जैतूनी हर रंगे की वर्दी पहनने पर रोक लगा दी है।

    जिले में पहली बार यह धारा लगाई गई है। मंडी शहर की सात वार्डों के सार्वजनिक स्थलों पर पांच से अधिक लोग एकत्रित होने व धरना प्रदर्शन करने पर रोक लगा दी है। धारा 163 लागू होने के बाद भड़काऊ भाषण देने व लाउड स्पीकर का ऊंची आवाज में प्रयोग करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। पथराव करने, पटाखे फोड़ने, ज्लनशील पदार्थ ले जाने व सार्वजनिक स्थल पर हथियार के साथ प्रशिक्षण पर रोक लगा दी है।