Mandi Flood: आपदा की रात पांच बेटियों के साथ बेघर हुआ गरीब पिता, तन पर पहने कपड़ों के सिवाय सब कुछ बह गया
Mandi Cloudburst मंडी के सराज क्षेत्र में आपदा ने लाल सिंह ठाकुर का घर तबाह कर दिया जिससे वे बेघर हो गए। पांच बेटियों के साथ उनके पास अब कुछ नहीं बचा। रात को अचानक आई बाढ़ में सब कुछ बह गया जिससे उनके रोजगार और खेती की जमीन भी नष्ट हो गई। वे सरकार से पुनर्वास और बेटियों की शिक्षा के लिए मदद की गुहार लगा रहे हैं।

विशाल वर्मा, पंडोह। Mandi Cloudburst, 30 जून की रात आई आपदा ने मंडी जिले के सैकड़ों लोगों को गहरी पीड़ा दी, लेकिन सराज विधानसभा क्षेत्र की अनाह पंचायत के गुडाह गांव निवासी लाल सिंह ठाकुर की कहानी उन तमाम त्रासदियों में से सबसे अधिक दिल को झकझोर देने वाली है। लाल सिंह का घर आपदा में पूरी तरह तबाह हो गया। अब उनके पास तन पर पहने कपड़ों के अलावा कुछ नहीं बचा। कंधों पर पांच स्कूली बेटियों की परवरिश की जिम्मेदारी है और सिर पर अब खुद का छत भी नहीं।
आपदा की उस रात को याद करते हुए लाल सिंह की आंखें नम हो जाती हैं। उन्होंने बताया कि रात को घर के पीछे से अचानक पानी का भयानक सैलाब आया। इतने कम समय में कुछ भी बचाने का मौका नहीं मिला। जैसे-तैसे पत्नी व बच्चों को लेकर घर से बाहर भागे लेकिन सामने का रास्ता भी बंद हो चुका था। दोनों ओर पानी का तेज बहाव था और बीच में उनका पूरा परिवार फंसा हुआ था। चंद मिनटों में ही मेहनत-मजदूरी और खेती से बनाई जिंदगी की पूंजी पानी में बह गई।
न घर न रोजगार का साधन बचा
लाल सिंह की छह बेटियां हैं, जिनमें सबसे बड़ी की शादी हो चुकी है। बाकी पांच बेटियां स्कूल में पढ़ रही हैं। अब वे सभी बाड़ा स्थित सरकारी रेस्ट हाउस में शरण लिए हुए हैं। खेती के लिए जो थोड़ी-बहुत जमीन थी, वह भी बह गई है। अब न जमीन है, न घर, और न ही रोज़गार का साधन। उन्होंने सरकार से स्थायी पुनर्वास और बेटियों की शिक्षा के लिए मदद की गुहार लगाई है।
यह भी पढ़ें- Mandi Cloudburst: सराज में राहत कार्यों के लिए सात करोड़ रुपये, सुंदरनगर में चलेगा हार्टिकल्चर कालेज, CM के फैसले
अनाह पंचायत के 22 लोग हुए बेघर
ग्राम पंचायत अनाह के प्रधान तारा चंद ने बताया कि इस पंचायत के चार परिवार, कुल 22 लोग वर्तमान में बाड़ा रेस्ट हाउस में रह रहे हैं। उन्होंने समाज के दानी सज्जनों, स्वयंसेवी संस्थाओं और सरकार से अपील की है कि लाल सिंह जैसे प्रभावितों की मदद के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि यह समय एकजुटता और संवेदनशीलता दिखाने का है, ताकि प्रभावित लोग दोबारा सम्मानजनक जीवन शुरू कर सकें। आपदा ने लाल सिंह से सब कुछ छीन लिया है, अब वे बस एक नई शुरुआत की उम्मीद में हैं।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।