Mandi Cloudburst: सराज में राहत कार्यों के लिए सात करोड़ रुपये, सुंदरनगर में चलेगा हार्टिकल्चर कालेज, CM के फैसले
CM Sukhu in Mandi मुख्यमंत्री सुक्खू ने मंडी में बादल फटने से प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया और राहत कार्यों के लिए 7 करोड़ रुपये जारी करने के निर्देश दिए। बागवानी एवं वानिकी महाविद्यालय अब सुंदरनगर में शुरू होगा क्योंकि थुनाग क्षेत्र भूस्खलन से प्रभावित है। छतरी-चैलचौक मार्ग को केंद्रीय सड़क निधि में शामिल किया जाएगा। भूमिहीन प्रभावितों को राहत प्रदान की जाएगी और वैकल्पिक पुनर्वास सुनिश्चित किया जाएगा।

जागरण संवाददाता, मंडी। CM Sukhu in Mandi, जिला मंडी के सराज में भीषण वर्षा और भूस्खलन के कारण पैदा हुई त्रासदी के बाद राहत एवं पुनर्वास कार्यों को गति देने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बड़ी घोषणाएं की हैं। मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों के लिए तत्काल सात करोड़ रुपये की धनराशि जारी करने के निर्देश दिए हैं। इससे राहत एवं पुनर्निर्माण कार्य तेज गति से किए जा सकें। सात करोड़ रुपये से दो-दो करोड़ रुपये लोक निर्माण व जलशक्ति विभाग तथा एक करोड़ रुपये बीडीओ जंजैहली को आवंटित किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने वीरवार को थुनाग उपमंडल की पखरैर पंचायत के देजी गांव का दौरा किया, जहां उन्होंने आपदा पीड़ितों से मिलकर उनका दुख-दर्द साझा किया। उन्होंने कहा कि सरकार इस आपदा की घड़ी में प्रत्येक प्रभावित के साथ खड़ी है और हरसंभव सहायता प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रभावित परिवार को तत्काल राहत सामग्री, भोजन और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाई जाए, साथ ही जिनका घर क्षतिग्रस्त हुआ है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर आश्रय प्रदान किया जाए।
हार्टिकल्चर कालेज सुंदरनगर शिफ्ट होगा
बागबानी एवं वानिकी महाविद्यालय थुनाग से अस्थायी तौर पर सुंदरनगर शिफ्ट होगा। मुख्यमंत्री सुक्खू ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय महाविद्यालय के स्टाफ और विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, क्योंकि थुनाग क्षेत्र लगातार भूस्खलन की चपेट में आ रहा है। नए सत्र की कक्षा भी सुंदरनगर में ही लगेंगी। आपदा के कारण इतने दिन तक विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित हुई है। विश्वविद्यालय प्रबंधन से बात की जाएगी।
छतरी-चैलचौक मार्ग केंद्रीय सड़क निधि में शामिल होगा
सीएम ने घोषणा की कि छतरी-चैलचौक मार्ग को केंद्रीय सड़क निधि (सीआरएफ) में शामिल किया जाएगा, जिससे इस मार्ग का समुचित विकास और स्थायी पुनर्निर्माण सुनिश्चित हो सके। यह मार्ग आपदा के दौरान प्रमुख संपर्क मार्गों में से एक था, जो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों की जमीन आपदा में बह गई है या जो भूमिहीन हो गए हैं, उन्हें एकमुश्त निपटान योजना के तहत राहत प्रदान की जाएगी।
मुआवजा और वैकल्पिक पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे परिवारों की पहचान करके जल्द से जल्द मुआवजा और वैकल्पिक पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री सुक्खू ने स्थानीय लोगों से संयम और धैर्य बनाए रखने की अपील की और भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार इस आपदा से हुए हर नुकसान की भरपाई करने के लिए कृतसंकल्प है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता लोगों की जान, सम्मान और भविष्य की सुरक्षा है। बाद में मुख्यमंत्री सुक्खू गोहर उपमंडल के स्यांज व बाड़ा के आपदा प्रभावित परिवारों से भी मिले।
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