'VB-G RAM G योजना का दुष्प्रचार कर रही कांग्रेस...कई बार बदल चुकी है नाम', जयराम ठाकुर ने 'विकसित भारत रोजगार मिशन' का किया बचाव
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने 'विकसित भारत रोजगार गारंटी मिशन' (वीवीजी राम जी अधिनियम 2025) का बचाव किया। उन्होंने कांग्रेस द्वारा नाम बदलने के विरोध ...और पढ़ें

जयराम ठाकुर ने कांग्रेस के विरोध को बताया निराधार
जागरण संवाददाता, मंडी। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मंडी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हिमाचल की सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने 'विकसित भारत रोजगार गारंटी मिशन' (वीवीजी राम जी अधिनियम 2025) का बचाव किया और कांग्रेस द्वारा नाम बदलने के विरोध को निराधार बताया।
'कांग्रेस ने कई बार योजना का नाम बदला'
जयराम ठाकुर कहा कि विपक्ष नाम बदलने को लेकर शोर मचा रहा है, जबकि कांग्रेस ने भी अपने शासनकाल में कई योजनाओं के नाम बदले थे। कांग्रेस ने पहले 1989 में जवाहर रोजगार का नाम रखा था और 1999 में जवाहर रोजगार समृद्धि योजना रखा, 2001 में संपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना और 2006 में नरेगा फिर 2009 में मनरेगा रखा गया।
अगर कांग्रेस के समय भी नाम परिवर्तन हुए तो अब विरोध क्यों। नाम परिवर्तन हुआ है, कॉन्सेप्ट में कोई बदलाव नहीं किया गया। 'विकसित भारत रोजगार गारंटी मिशन' का लक्ष्य केवल रोजगार देना है।
मनरेगा के बजट और खर्च की तुलना
नेता प्रतिपक्ष ने मनरेगा के बजट और खर्च की तुलना करते हुए मोदी सरकार के प्रयासों की सराहना की और डिजिटल भुगतान से पारदर्शिता सुनिश्चित करने की बात कही। जयराम ठाकुर ने कहा, ''2006 में रोजगार गारंटी योजना के लिए 11300 करोड़ के बजट का प्रावधान था, जबकि 2014 में 33000 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया।''
जयराम ठाकुर ने कहा पहली सरकार के समय पीएम मोदी ने इस योजना के लिए 44000 करोड़ का बजट दिया। 2022-23 में मोदी सरकार ने इसमें 90000 करोड़ का प्रावधान किया। रोजगार गारंटी योजना के लिए यूपीए 2006 से 2014 तक सिर्फ 2 लाख करोड़ खर्च किया, जबकि मोदी सरकार ने 10 साल में 8 लाख 53 हजार करोड़ खर्च किए।
मनरेगा पेमेंट रोके जाने पर जवाब
जयराम ठाकुर ने मनरेगा के पेमेंट रोके जाने के सवाल पर भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि मनरेगा का पेमेंट नहीं मिलने का शोर मचाया जा रहा है। वह पेमेंट इसलिए रोका गया है, क्योंकि उसका पैसा अन्य जगह खर्च हो रहा है।
उन्होंने कहा कि पहले अप्लाई करने के 15 दिन तक बेरोजगारी भत्ता दिए जाने का प्रावधान था, जो नहीं समय पर नहीं मिल पाता था। लेकिन इस बार इसे सुनिश्चित किया गया है। अब यह योजना डिजिटल मोड में चलेंगी, जिससे इस पर सभी की नजर रहेगी।

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