मंडी में पहली महिला कांग्रेस अध्यक्ष नियुक्त, जयराम के गढ़ में चंपा ठाकुर की चुनौती; बेटी की तैनाती पर क्या बोले कौल?
चंपा ठाकुर को मंडी जिला कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जिससे वह जिले की पहली महिला कांग्रेस अध्यक्ष बन गई हैं। यह फैसला पार्टी के भीतर ...और पढ़ें

मंडी जिले से कांग्रेस अध्यक्ष बनी चंपा ठाकुर।
हंसराज सैनी, मंडी। कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने मंडी जिले की राजनीति में एक ऐसा दांव चला है, जिसने न केवल पार्टी के भीतर बल्कि पूरे सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर की बेटी चंपा ठाकुर को मंडी जिला कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
इस फैसले के साथ ही चंपा ठाकुर जिले की पहली महिला कांग्रेस अध्यक्ष बन गई हैं और उनके कंधों पर अब पार्टी के चुनाव चिह्न ‘हाथ’ को आगे बढ़ाने की बड़ी जिम्मेदारी आ गई है।
नियुक्ति दिलचस्प
इस नियुक्ति को लेकर सबसे दिलचस्प बात यह रही कि चंपा ठाकुर ने अंतिम समय में पर्यवेक्षक के समक्ष अपना आवेदन भरा था। इससे पहले कई वरिष्ठ और दिग्गज नेता अध्यक्ष पद के लिए पूरी ताकत झोंके हुए थे। माना जा रहा था कि उन्हीं में से किसी एक के नाम पर मुहर लगेगी, लेकिन कांग्रेस हाईकमान ने सारे समीकरण पलटते हुए महिला नेतृत्व पर भरोसा जताया और सबको चौंका दिया।
राजनीतिक जानकार इसे संगठन में नए प्रयोग और जमीनी कार्यकर्ताओं को संदेश देने की रणनीति के रूप में देख रहे हैं।
चंपा ठाकुर ने 1993 में शुरू किया था राजनीतिक सफर
चंपा ठाकुर का राजनीतिक सफर किसी तत्कालिक निर्णय का नतीजा नहीं है। उन्होंने वर्ष 1993 में एनएसयूआइ से राजनीति में कदम रखा और छात्र राजनीति के जरिए संगठन की बारीकियों को समझा। इसके बाद महिला कांग्रेस में सक्रिय भूमिका निभाते हुए उन्होंने महासचिव पद तक का सफर तय किया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) में महासचिव के रूप में भी उन्होंने संगठनात्मक कार्यों का अनुभव हासिल किया। चार बार जिला परिषद सदस्य और एक बार अध्यक्ष रह चुकी हैं।
यही कारण है कि पार्टी नेतृत्व को उनमें संगठन को संभालने और आगे बढ़ाने की क्षमता नजर आई। हालांकि, यह जिम्मेदारी आसान नहीं है।
कुछ वर्षों से मंडी में संगठन कमजोर
मंडी जिला कांग्रेस बीते कुछ वर्षों से कमजोर संगठन, गुटबाजी और चुनावी असफलताओं के दौर से गुजर रही है। कई क्षेत्रों में कार्यकर्ता निराश हैं और पार्टी का जनाधार भी सिमटता नजर आ रहा है। ऐसे में चंपा ठाकुर के सामने संगठन को दोबारा खड़ा करने की पहाड़ जैसी चुनौती है। बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करना, पुराने कार्यकर्ताओं को जोड़ना और नए चेहरों को आगे लाना उनकी प्राथमिक परीक्षा होगी। जयराम ठाकुर के गढ़ बन चुके मंडी में कांग्रेस को जीताना चंपा के लिए चुनौती है।
क्या कहते हैं कौल सिंह
अपनी बेटी को मिली इस जिम्मेदारी पर पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि चंपा मेहनती और जुझारू हैं तथा संगठन को खड़ा करने की उनमें पूरी क्षमता है। उन्होंने विश्वास जताया कि वह सभी कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलेंगी और मंडी में कांग्रेस को नई मजबूती देंगी।
क्या बोलीं चंपा ठाकुर
वहीं चंपा ठाकुर का कहना है कि सभी वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के सहयोग से संगठन को दोबारा मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।
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