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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 16, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Himachal Landslide: मंडी में भूस्खलन से 132 केवी ट्रांसमिशन लाइन का टावर गिरा, एक सतर्कता से टल गया बड़ा हादसा

Published: Sat, 16 Aug 2025 03:48 PM (IST)

Himachal Pradesh Landslide मंडी जिले के पंडोह में भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ जिससे 132 केवी ट्रांसमिशन लाइन का ...और पढ़ें

मंडी के नौ मील में गिरा 132 केवी ट्रांसमिशन लाइन का टावर। जागरण
मंडी के नौ मील में गिरा 132 केवी ट्रांसमिशन लाइन का टावर। जागरण

HighLights

  1. पंडोह में भूस्खलन से टावर ध्वस्त |
  2. पंडोह, सराज व नाचन में बिजली आपूर्ति ठप
  3. वैकल्पिक उपायों से आपूर्ति बहाल करने का प्रयास |

संवाद सहयोगी, पंडोह (मंडी)।  Himachal Pradesh Landslide, कीरतपुर मनाली फोरलेन पर जिला मंडी के नौ मील में बिजली बोर्ड की 132केवी ट्रांसमिशन लाइन का एक टावर गिर गया। यह टावर लंबे समय से एक तरफ झुक चुका था। शनिवार सुबह हुई भारी वर्षा के कारण हुए भूस्खलन से यह पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। इससे पंडोह, सराज व नाचन के कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है। 

गनीमत यह रही कि टावर गिरने से पहले बिजली आपूर्ति बंद हो गई थी, अन्यथा यहां बड़ा हादसा पेश आ सकता था। 132 केवी लाइन की चपेट में आने वाले लोगों को नुकसान हो सकता था। लेकिन बिजली आपूर्ति बंद होने से ऐसा नहीं हुआ।

बिजणी से पंडोह जाती है टॉवर लाइन, आपूर्ति हुई बंद

यह टावर लाइन बिजणी सबस्टेशन से पंडोह के लिए जाती थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि फोरलेन निर्माण के लिए की गई पहाड़ की कटिंग से इस टावर को नुकसान पहुंचा है। यह ट्रांसमिशन लाइन पंडोह, सराज व नाचन के कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति का मुख्य स्रोत थी। पंडोह से 33 केवी की लाइन के माध्यम से अन्य क्षेत्रों में बिजली भेजी जाती थी, जो फिलहाल बंद है। 

पंडोह व गोहर को जोड़कर आपूर्ति बहाल करने का प्रयास

विद्युत उपमंडल पंडोह के सहायक अभियंता रंजीत सिंह का कहना है कि टावर के क्षतिग्रस्त होने से बिजली आपूर्ति फिलहाल बाधित हो गई है, लेकिन वैकल्पिक उपायों पर काम जारी है। सुंदरनगर सब स्टेशन से पंडोह व गोहर को जोड़कर विद्युत आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। सराज व अन्य क्षेत्रों को जल्द ही लारजी सब स्टेशन से जोड़कर बिजली आपूर्ति बहाल करने की कोशिश की जा रही है। वर्षा के कारण आपूर्ति बहाल करने में समय लग सकता है। टावर निर्माण में कई माह का समय लग सकता है।

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