हिमाचल: मिस्त्री पिता के बेटे ने पास की HAS परीक्षा, 2022 में पुलिस कांस्टेबल और 2 माह पहले बने ऑडिट आफिसर; अब पाया शिखर
मंडी के सुक्काकून गांव के जीवन लाल ने बिना किसी कोचिंग के एचएएस परीक्षा उत्तीर्ण कर तहसीलदार का पद हासिल किया है। 26 वर्षीय जीवन लाल पहले पुलिस कांस्ट ...और पढ़ें

एचएएस की परीक्षा पास करने वाले जीवन लाल अपने परिवार के साथ। सौजन्य : स्वयं
मुकेश मेहरा, मंडी। बेटा जीवन में सफल हो और उसकी राह में कभी कोई कमी आड़े न आए, इसके लिए पिता ने मजबूत नींव रखी। गर्मी हो या सर्दी, एक-एक पत्थर जोड़ते हुए दिन-रात डटे रहे। बेटे ने भी पिता की उम्मीदों पर पानी नहीं फिरने दिया।
पहले कांस्टेबल और फिर ऑडिट आफिसर बने। कड़ी मेहनत जारी रखी और अब हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा (एचएएस) की परीक्षा उत्तीर्ण कर तहसीलदार बनकर सफलता की मंजिल चिन दी।
26 वर्षीय जीवन लाल युवाओं के लिए प्रेरणा
मंडी जिले के उपमंडल कोटली की बग्गी तुंगल पंचायत के सुक्काकून गांव निवासी 26 वर्षीय जीवन लाल की सफलता की कहानी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।
बिना कोचिंग पाया मुकाम
जीवन लाल के पिता वीरी सिंह मिस्त्री और माता विमला देवी गृहिणी हैं। जीवन लाल ने बिना किसी कोचिंग के यह मुकाम हासिल किया। वर्ष 2022 में पुलिस में कांस्टेबल भर्ती होने के बाद उनकी तैनाती राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो शिमला में हुई। तीन-तीन घंटे की शिफ्ट में ड्यूटी निभाने के बाद वह प्रतिदिन करीब छह घंटे पढ़ाई के लिए निकालते थे।
किसने दिया मार्गदर्शन
जीवन लाल बताते हैं कि एचएएस और एलाइड की तैयारी आसान नहीं थी लेकिन सही मार्गदर्शन ने राह आसान कर दी। डीएसपी अमित कुमार ने उन्हें निरंतर दिशा दी और रणनीति बनाने में सहयोग किया। पहले उन्होंने एलाइड परीक्षा उत्तीर्ण की जिसका परिणाम इस साल अक्टूबर में घोषित हुआ।
ऑडिट ऑफिसर बनने के दो माह बाद एक और मुकाम
इसके बाद उन्होंने पुलिस की नौकरी से त्यागपत्र देकर कोआपरेटिव सोसायटी में आडिट आफिसर के रूप में रिकांगपिओ में कार्यभार संभाला। हालांकि मंजिल अभी बाकी थी। ऑडिट आफिसर के रूप में महज दो महीने की सेवा के बाद ही एचएएस परीक्षा का परिणाम आया और जीवन लाल ने पहले ही प्रयास में सफलता हासिल कर ली। उन्होंने 23वां रैंक हासिल किया। अब वह तहसीलदार के रूप में प्रदेश की सेवा करेंगे।
सरकारी स्कूल से ली शिक्षा
जीवन लाल की प्रारंभिक शिक्षा राजकीय प्राथमिक पाठशाला बीर तुंगल से हुई। जमा दो की पढ़ाई राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला साइगलू से पूरी की। स्नातक की शिक्षा वल्लभ कालेज मंडी और स्नातकोत्तर की पढ़ाई धर्मशाला कालेज से की। जीवन लाल की बहन भी शिक्षक हैं। बग्गी तुंगल और लागघार पंचायत के प्रधान राकेश राणा व क्षेत्रवासियों ने जीवन लाल को इस उपलब्धि पर बधाई दी है।
पिता बोले, हमने फर्ज निभाया, बेटे ने की मेहनत
जीवन लाल के पिता वीरी सिंह ने कहा कि मैंने व पत्नी ने अपना फर्ज निभाया। बेटे ने मेहनत और अनुशासन से यह मुकाम हासिल किया है। गांव में जब लोग मेरी पहचान बेटे के नाम से बता रहे हैं तो गर्व महसूस होता है।

कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।