यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 16, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
देवा श्री गणेशा देवा...के जयकारों की गूंज, उमड़ा लोगों का सैलाब, भक्तों ने बप्पा को दी विदाई
सोमवार को मंडी में गणपति विसर्जन धूमधाम से मनाया गया। शहर के स्कूल बाजार से लेकर विक्टोरिया पुल तक लोगों ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, मंडी। सोमवार को छोटी काशी गणपति बप्पा मोरया के जयकारों और देवा श्री गणेशा से गूंज उठी। शहर के स्कूल बाजार से लेकर विक्टोरिया पुल तक लोगों की भीड़ गणपाति को विदोई देने के लिए उमड़ी। हनुमान घाट पर गणपति का विसर्जन किया गया। वहीं पहली बार गणपति के रथों को राज देवता माधोराय के दर पर शीश नवाया।
सोमवार को सुबह से गणपति विसर्जन की तैयारियां चली रहीं। दोपहर तीन बजे के करीब गणपति विजर्सन के लिए अपने-अपने रथाें में सवार होकर गणपति के जयकारे लगाते हुए लोग ब्यास नदी के हनुमान घाट की ओर रवाना हुए। सन्यारड़ी, स्कूल बाजार, मोती बाजार, मंगवाई, भ्यूली, जेल रोड आदि क्षेत्रों से गणति के विसर्जन के लिए ट्रैक्टरों में उनको सजाकर हनुमान घाट के लिए भक्त रवाना हुए। इस दौरान भक्तों ने होली भी खेली।
वहीं विसर्जन से पहले राज देवता माधोराय के मंदिर जाकर गणपति का शीश नवाया गया। गणपति विजर्सन में मंडी घाटी के विभिन्न देवी देवताओं ने भी भाग लिया। चौहाटा बाजार, मोती बाजार, समखेतर व विक्टोरिया पुल तक भक्तों की भीड़ थी।
गणपति और अन्य देवी देवताओं पर फूल बरसा रहे थे। वहीं पुलिस के भी 50 से अधिक जवान सेरी मंच से विक्टोरिया पुल तक तैनात थे। मोती बाजार की सड़क पर वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई थी। शहर मे वन-वे व्यवस्था चलाई गई थी। सभी वाहन महामृत्युंजय होकर जा रहे थे।
एसडीआरएफ के जवानों ने किया विसर्जन
हनुमान घाट पर भी क्यूआरटी के जवान तैनात थे। यहां घाट के पास रस्सी बांधकर लोगों की आवाजाही नदी किनारे रोकी गई थी। एसडीआरएफ व क्यूआरटी के जवान विसर्जन कर रहे थे। जो भी गणपति विजर्सन के लिए आया उसकीपूजा के बाद जवानों ही ब्यास नदी में उनका विसर्जन कर रहे थे। इस दौरान गणपति बप्पा मोरेया के जयकारों से पूरा घाट गूंज रहा था।