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    क्रिप्टो करेंसी धोखाधड़ी: हिमाचल में 2 हजार करोड़ की चपत लगाने वाले सुभाष को अल्टीमेटम, सरेंडर करो नहीं तो...

    Updated: Wed, 16 Apr 2025 11:54 AM (IST)

    हिमाचल प्रदेश में क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर 80000 से अधिक निवेशकों से 2000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के मुख्य आरोपी सुभाष शर्मा को 28 अप्रैल तक सरेंडर करना होगा। आत्मसमर्पण न करने पर उसे भगोड़ा घोषित कर दिया जाएगा। पुलिस ने उसके खिलाफ नोटिस इश्तहार जारी किया है। सुभाष अपनी पत्नी और बेटो को लेकर दुबई भाग गया है और उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया गया है।

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    क्रिप्टो करेंसी धोखाधड़ी मामला, सुभाष को सरेंडर करने के आदेश

    जागरण संवाददाता, मंडी। क्रिप्टोकरेंसी का लालच देकर हिमाचल के 80,000 से अधिक निवेशकों से करीब 2000 करोड़ रुपये की ठगी करने के मुख्य आरोपित सुभाष शर्मा को 28 अप्रैल तक ट्रायल कोर्ट शिमला में आत्मसमर्पण करना होगा। तय तिथि तक आत्मसमर्पण न करने पर उसे भगौड़ा घोषित किया जाएगा।

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    गिरफ्तारी वारंट की तामील न होने पर ट्रायल कोर्ट ने सुभाष के विरुद्ध नोटिस इश्तहार जारी किया है। उसके विरुद्ध दूसरी बार गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ था। वारंट से संबंधित प्रक्रिया पूरी करने के लिए पुलिस की एक टीम गत माह सुभाष के घर मंडी पहुंची थी। घर में कोई नहीं मिला था। इसके बाद पुलिस ने ट्रायल कोर्ट को रिपोर्ट सौंपी थी।

    पत्नी और बेटे के साथ दुबई भागा सुभाष, लुकआउट नोटिस जारी

    सुभाष शर्मा पत्नी व बेटे के साथ दुबई भाग गया है। उसके विरुद्ध पहले ही लुकआउट नोटिस जारी हो चुका है। उसे भारत लाने के लिए हिमाचल पुलिस गृह मंत्रालय से पत्राचार कर रही है। इसी बीच पुलिस ने निवेशकों के पैसे से आरोपितों द्वारा पंजाब के जीरकपुर में खरीदी गई करोड़ों रुपये की छह संपत्तियों का मूल्यांकन किया है।

    धोखाधड़ी के मास्टरमाइंड उत्तर प्रदेश के मेरठ कैंट के रहने वाले मिलन गर्ग व ऊना के मुख्य एजेंट अभिषेक शर्मा की जमानत याचिका पर 25 अप्रैल को हिमाचल हाई कोर्ट में सुनवाई होगी। मिलन गर्ग इन दिनों मध्य प्रदेश पुलिस की हिरासत में है।

    हेमराज व सुखदेव की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप से इनकार

    मुख्य एजेंट मंडी निवासी हेमराज व सुखदेव को फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली। हाई कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद दोनों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

    सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के निर्णय में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए याचिका खारिज कर दी। निवेशकों के साथ धोखाधड़ी करने में मुख्य आरोपित सुभाष शर्मा,मास्टर माइंड मिलन गर्ग, मुख्य एजेंट सुखदेव, हेमराज, अभिषेक शर्मा व प्रापर्टी डीलर विजय कुमार जुनेजा की बराबर भूमिका रही है।

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