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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 28, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Himachal News: गर्भवती महिलाओं-बच्चों के पोषण पर सुक्खू सरकार का फोकस, इन योजनाओं को लाभार्थियों तक पहुंचाने की अपील

Published: Fri, 28 Mar 2025 04:08 PM (IST)

कुल्लू के आनी में बाल विकास परियोजना के तहत 1996 बच्चों 208 गर्भवती महिलाओं और 265 धात्री महिलाओं को पोषाहार ...और पढ़ें

पोषाहार को लेकर बैठक करते अधिकारी। फोटो जागरण
पोषाहार को लेकर बैठक करते अधिकारी। फोटो जागरण

संवाद सहयोगी, कुल्लू। बाल विकास परियोजना अधिकारी आनी के तहत 1996 बच्चों, 208 गर्भवती महिलाएं और 265 धात्री महिलाओं को पोषाहार कार्यक्रम के तहत लाभ दिया जा रहा है। छह माह से लेकर छह वर्ष के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं को पूरक पोषाहार कार्यक्रम के अंतर्गत लाभ पहुंचाया जा रहा है।

खंड स्तरीय अनुश्रवण समिति (परियोजना आनी) की बैठक के दौरान यह तथ्य समिति के अध्यक्ष एसडीएम आनी नरेश वर्मा के समक्ष पेश किए गए। उन्होंने बैठक की अध्यक्षता भी की।

बाल विवाह पर प्रभावी कदम उठाने पर जोर

एसडीएम नरेश वर्मा ने बैठक में उपस्थित विभिन्न संबंधित अधिकारियों को महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं को प्रभावी तरीके से पात्रों तक पहुंचाने की अपील की। उन्होंने बाल विवाह जैसी कुप्रथा पर प्रभावी कदम उठाने पर भी बल दिया।

इस मौके पर बाल विकास परियोजना अधिकारी इंद्र सिंह गर्ग ने कहा कि समेकित बाल विकास सेवाओं के अंतर्गत अनौपचारिक पूर्वशाला शिक्षा, पूरक पोषाहार, प्रतिरक्षण, स्वास्थ्य जांच, संदर्भ सेवा (चिकित्सा परामर्श) और स्वास्थ्य एवं पोषाहार शिक्षा शामिल है।

आनी खंड के अंतर्गत संचालित 176 आंगनबाड़ी केंद्रो में खाद्यान्न नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा उपलब्ध करवाया जा रहा है। बीते दो सालों में बेटी है अनमोल योजना के तहत 4,95,600 की एफडीआर पात्र बेटियों के नाम पर विभाग द्वारा जमा की गई है।

वर्तमान सरकार ने शगुन योजना में 45 बेटियों को 31-31 हजार और सात मामलों में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत 51-51 हजार रुपये पात्र बेटियों को वितरित किए गए हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में वर्तमान सरकार ने 486 महिलाओं को अभी तक 6-6 हजार रुपये की राशि प्रदान की गई है।

कई योजनाओं की दी जानकारी

बैठक में मदर टेरेसा असहाय, मातृत्व संबल योजना, इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना, महिला स्वरोजगार योजना, विधवा पुनर्विवाह योजना, घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम-2005 और स्वयं सहायता समूह पर भी जानकारी प्रदान की गई।

आंगनबाड़ियों के संचालन से संबंधित विभिन्न समस्याओं को दूर करने के लिए एसडीएम ने विभिन्न निर्देश जारी किए। इसके अलावा मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना के अंतर्गत गठित उप मंडल स्तरीय समिति ने सुखाश्रय योजना प्रावधानों और इसके तहत पात्र लाभार्थियों को लाभ प्रदान करने पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया।

बैठक में बीडीओ आनी राजेंद्र कुमार, बाल विकास परियोजना अधिकारी इंद्र सिंह गर्ग, एसडीओ जल शक्ति पुष्पराज, तहसील कल्याण अधिकारी मंजुला शर्मा, एसएचओ पीएल जोशी, बीईईओ शांति सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे।

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