Kullu Dussehra: माता हिडिंबा के बिना नहीं होता कुल्लू दशहरा का आगाज, मनाली से देवी का रथ रवाना; बेहद रोचक है मान्यता
Kullu Dussehra 2025 कुल्लू दशहरा उत्सव की पुरानी परंपरा को निभाने के लिए देवी हिडिंबा मनाली से कुल्लू के लिए रवाना हो गई हैं। भक्तों की भारी भीड़ के स ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, मनाली। Kullu Dussehra 2025, कुल्लू दशहरा उत्सव की सदियों पुरानी देव परंपराओं का निर्वहन करने के लिए कुल्लू राज परिवार की दादी देवी हिडिंबा बुधवार को कुल्लू के लिए रवाना हो गई हैं। आज सुबह विधिवत पूजा अर्चना के बाद ढुंगरी हिडिंबा मंदिर से देवी की ऐतिहासिक शोभायात्रा शुरू हुई। सैकड़ों हारियान और कारकून रथयात्रा के साथ निकले।
रथ में विराजमान देवी हिडिंबा और महर्षि मनु जहां से गुजरे, वहां दर्शन के लिए भक्तों की लंबी लाइनें लग गईं। मनाली वासियों द्वारा जगह-जगह प्रसाद भी वितरित किया गया। शाम को माता हिडिंबा रामशीला स्थित हनुमान मंदिर पहुंचेंगी।
माता हिडिंबा के पहुंचते ही होगा उत्सव का आगाज
हनुमान मंदिर मे रात्रि ठहराव के बाद माता वीरवर सुबह रघुनाथ मंदिर को जाएगी। सदियों पुरानी देव परंपरा का निर्वहन करने के बाद दोपहर बाद भगवान रघुनाथ जी की रथयात्रा में भाग लेंगी। देवी माता हिडिंबा रघुनाथ मंदिर पहुंचते ही उत्सव का आगाज हो जाएगा।

देवी के बिना नहीं होता दशहरा उत्सव का आरंभ
मान्यता है कि देवी के बिना दशहरा उत्सव का आगाज नहीं होता। कुल्लू घाटी में दशहरे के पर्व का सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व है। देवी हिडिंबा का इस उत्सव में विशेष महत्व है। दशहरा देवी हिडिंबा के आगमन के बाद ही शुरू होता है। सात दिन तक चलने वाले उत्सव के दौरान देवी कुल्लू स्थित अस्थायी शिविर में रहेंगी।
सात दिन अस्थायी शिविर में रहती हैं माता
पहले दिन देवी हिडिंबा का रथ कुल्लू के अधिष्ठाता भगवान श्री रघुनाथ मंदिर और कुल्लू राजमहल पहुंचेगा। राज परिवार की ओर से यहां अश्व पूजा होगी। सात दिन तक अस्थायी शिविर में रहने के बाद अंतिम दिन लंका दहन के पश्चात ही देवी वापस आएंगी।

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माता हिंडिंबा को निमंत्रण के लिए आएगी भगवान रघुनाथ जी की छड़ी
हिडिंबा माता के गुर देवी चंद ने बताया कि माता आज रात कुल्लू पहुंचेंगी और सुबह देवी का स्वागत होगा। रामशिला में देवी हिडिंबा को निमंत्रण देने के लिए भगवान रघुनाथ की ओर से छड़ी आएगी। यहां से देवी भगवान रघुनाथ के मंदिर के लिए प्रस्थान करेंगी। देवी हिडिंबा के अलावा ऊझी घाटी से दर्जनों देवी-देवता दशहरा में भाग लेने के लिए आज ही रवाना हुए।

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