सड़क पर रेहड़ी लगानेवालों की बढ़ी मुश्किलें, चुनिंदा जगहों पर ही लगा सकेंगे दुकान; सुक्खू सरकार का बड़ा फैसला
धर्मशाला में अब रेहड़ी पर दुकान लगाने वालों के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। इस कारण इन लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इसको लेकर 16 से 30 जनवरी तक प्रशासन एक सर्वेक्षण कराने जा रहा है। इस दौरान पता लगेगा कि 17 वार्डों में कितने रेहड़ी विक्रेता हैं। सर्वेक्षण के बाद इन विक्रेताओं को एक चिन्हित स्थान मिल जाएगा जहां पर यह लोग अपनी दुकान लगा सकेंगे।

जागरण संवाददाता, धर्मशाला। नगर निगम क्षेत्र धर्मशाला में सड़क पर रेहड़ी पर अपनी दुकान लगाने वालों की अब खैर नहीं है। सरकार ने इनके खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए फैसला लिया है कि यह लोग अब चयनित स्थान पर ही रेहड़ी लगा सकेंगे।
इससे इन लोगों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। इसके लिए नगर निगम स्मार्ट सिटी प्रशासन से 16 से 30 जनवरी तक रेहड़ी और पथ विक्रेताओं का पता लगाने के लिए सर्वेक्षण करवाने जा रहा है।
यह कार्य नगर निगम के सभी 17 वार्डों में किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी स्मार्ट सिटी धर्मशाला को दी गई है। सर्वेक्षण पूरा होने के बाद पात्र पथ विक्रेताओं को चयनित स्थानों का आवंटन तथा पहचान पत्र प्रदान दिया जाएगा। इसके बाद वे चयनित स्थानों पर ही कारोबार कर सकेंगे।
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तीन शिफ्टों में किया जाएगा सर्वेक्षण, अपने पास रखने होंगे यह दस्तावेज
सर्वेक्षण का कार्य दिन में तीन शिफ्ट में सुबह सात से दस बजे,दोपहर बाद दो से पांच और शाम छह से रात नौ बजे तक किया जाएगा।
16 से 18 जनवरी तक वार्ड नंबर एक, दो व तीन, 20 से 22 जनवरी तक वार्ड चार, पांच, छह, सात व आठ और 23 से 24 जनवरी तक वार्ड नौ, 10, 11, 12, 13, 14, 15, 16 तथा 17 में सर्वेक्षण कार्य किया जाएगा।
यदि कोई रेहड़ी अथवा पथ विक्रेता सर्वेक्षण के दौरान छूट जाता है तो वह 27 व 28 जनवरी को नगर निगम कार्यालय में आवेदन कर सकता है। इसके अलावा 29 व 30 जनवरी को फिर से सभी वार्डों में छूट गए पथ विक्रेताओं का सर्वेक्षण किया जाएगा। इसके बाद कोई भी आवेदन मान्य नहीं होगा।
रेहड़ी तथा पथ विक्रेता सर्वेक्षण के दौरान राशन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक खाते की फोटो कापी, संबंधित वार्ड पार्षद अथवा नगर निगम से प्रमाणित परिवार सूची, हलका पटवारी अथवा पार्षद या तहसीलदार से आय स्रोत रिपोर्ट और एससी, ओबीसी, विधवा, विकलांग, एकल नारी श्रेणी से संबंधित प्रमाण पत्र अपने पास रखने होंगे।
स्ट्रीट वेंडर्स सर्वेक्षण कमेटी सदस्यों की बैठक में लिया गया था सर्वेक्षण का फैसला
नगर निगम धर्मशाला के संयुक्त आयुक्त सुरेंद्र कटोच ने बताया कि 12 दिसंबर 2024 को स्ट्रीट वेंडर्स सर्वेक्षण कमेटी सदस्यों की बैठक में फिर से सर्वेक्षण कराने को लेकर चर्चा की गई थी।
हिमाचल प्रदेश स्ट्रीट वेंडिंग स्कीम-2016 के तहत हर पांच वर्ष में यह सर्वेक्षण करवाना अनिवार्य है। इसे लेकर नगर निगम धर्मशाला के तहत सभी 17 वार्डों में सर्वेक्षण कार्य किया जा रहा है।
सर्वेक्षण के बाद रेहड़ी व पथ विक्रेताओं के लिए जगह चिह्नित कर उन्हें अपना सामान लगाने की अनुमति दी जाएगी।
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