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    Himachal Vidhansabha Chunav2022: विधानसभा चुनाव से अलग हुए धूमल, नहीं लड़ेंगे विधानसभा चुनाव

    By Jagran NewsEdited By: Richa Rana
    Updated: Tue, 18 Oct 2022 06:13 PM (IST)

    दो बार के मुख्यमंत्री सांसद सहित प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के पद पर रहे प्रो प्रेम कुमार धूमल के विधानसभा चुनाव न लड़ने की घोषणा के साथ ही प्रदेश व हमीरपुर जिला भाजपा के कार्यकर्ताओं में हलचल देखने को मिली है।

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    प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के पद पर रहे प्रो प्रेम कुमार धूमल के विधानसभा चुनाव न लड़ने की घोषणा की है।

    हमीापुर, रणवीर ठाकुर। दो बार के मुख्यमंत्री, सांसद सहित प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के पद पर रहे प्रो प्रेम कुमार धूमल के विधानसभा चुनाव न लड़ने की घोषणा के साथ ही प्रदेश व हमीरपुर जिला भाजपा के कार्यकर्ताओं में हलचल देखने को मिली है। धूमल ने विधानसभा चुनाव न लड़ने की जानकारी बहुत पहले भाजपा शीर्ष नेतृत्व को लिखित तौर पर दी थी। वर्ष 2017 के सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी होने के नाते उन्होंने इस बात की भनक किसी भी भाजपा कार्यकर्ता को इसलिए नहीं लगने दी ताकि पार्टी संगठन कमजोर न हो सके। दिल्ली से उन्होंने फोन पर यूं कहा कि मैंने भाजपा हाईकमान को पत्र लिखकर विधानसभा चुनाव न लड़ने की जानकारी बहुत समय पहले ही दे दी थी। दिल्ली में हुई बैठक के दौरान भी मैंने यहीं कहा कि में अब चुनाव नहीं लड़ूंगा और अब युवाओं को चुनाव लड़ाया जाए और उन्हें मौका दिया जाए।

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    धूमल ने कहा कि मैं अब कोई भी चुनाव नहीं लड़ूंगा

    धूमल ने यूं कहा कि मैं अब कोई भी चुनाव नहीं लड़ूंगा और मैं युवाओं का मार्गदर्शन करूंगा और संगठन को मजबूत बनाने के लिए कार्य करता रहूंगा और सबको अपना मार्गदर्शन देता रहूंगा। धूमल के चुनाव से अलग होने और राजनीति में मार्गदर्शक की भूमिका निभाने की बात के बाद हिमाचल प्रदेश सहित हमीरपुर जिला की राजनीति में हलचल पैदा कर दी हैं कार्यकर्ताओं के चेहरे से रौनक गायब दिखी है। हमीरपुर जिला मुख्यालय पर भाजपा के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं में चुप्पी व सन्नटा देखने को मिला है। इस विधानसभा के चुनाव में हर भाजपा कार्यकर्ता व पदाधिकारी पूर्व मुख्यमंत्री प्रो प्रेम कुमार धूमल को हमीरपुर व सुजानपुर दोनों विधानसभा क्षेत्रों से इस बार विधानसभा चुनाव लड़ता देखना चाहते थे लेकिन भाजपा हाईकमान को लिखे पत्र के बाद दिल्ली में चुनाव न लड़ने की घोषणा के बाद दोनों विधानसभा क्षेत्रों में तरह - तरह की अटकलें टिकट को लेकर चर्चा में आ गई है।

    ये है धूमल राजनीतिक सफर

    प्रेम कुमार धूमल 10 अप्रैल 1944 को गांव समीरपुर जिला हमीरपुर में पैदा हुए। इनकी प्रारंभिक शिक्षा मिडिल स्कूल बगबाड़ा में हुई और मैट्रिक डीएवी हाई स्कूल टौणी देवी, जिला हमीरपुर से की। 1970 में इन्होंने दोआबा कालेज जालंधर में एमए इंग्लिश में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया। इन्होंने पंजाब, विश्वविद्यालय (जालंधर) में प्रवक्ता के रूप में कार्य किया। उसके बाद दोआबा कॉलेज जालंधर चले गए। नौकरी करते हुए इन्होंने एलएलबी किया। पहला लोकसभा चुनाव 1984 में लड़ा और पराजित हुए उसके बाद दूसरा लाेकसभा चुनाव 1989 में विजयी हुए। 1991 में फिर हमीरपुर की लोकसभा सीट से विजयी हुए तथा हिमाचल प्रदेश की भाजपा इकाई के अध्यक्ष बने।

    1996 के लोकसभा चुनावों में हार का सामना करना पड़ा

    1996 के लोकसभा चुनावों में हार का सामना करना पड़ा। फिर 1998 के विधानसभा चुनावों में बमसन विधानसभा क्षेत्र से जीतकर प्रदेश में भाजपा-हिविंका गठबंधन के मार्च 1998 से मार्च 2003 तक मुख्यमंत्री रहे। दिसंबर 2007 से दिसंबर 2012 तक वह मुख्यमंत्री पद पर आसीन रहे। पूर्व मुख्यमंत्री प्रो प्रेम कुमार धूमल ने वर्ष 2017 में सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र चुनाव लड़ा लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। पूर्व मुख्यमंत्री प्रो प्रेम कुमार धूमल की पत्नी शीला धूमल दो बेटे अनुराग ठाकुर, अरुण ठाकुर हैं।

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