Tracking Route: जिला कांगड़ा में यहां से निकलते हैं एक साथ कई ट्रैकिंग रूट, हर साल पहुंचते हैं हजारों ट्रैकर्स
Tracking Routes जिला कांगड़ा में बैजनाथ एक ऐसा स्थान है जहां से कई ट्रैकिंग रूट निकलते हैं। हर साल साहसिक गतिविधियों के शौकीन लोग यहां से ट्रैकिंग पर ...और पढ़ें

मुनीष दीक्षित, बैजनाथ। Tracking Routes, जिला कांगड़ा में बैजनाथ एक ऐसा स्थान है, जहां से कई ट्रैकिंग रूट निकलते हैं। हर साल साहसिक गतिविधियों के शौकीन लोग यहां से ट्रैकिंग पर निकलते हैं। क्षेत्र में सबसे पुराने ट्रैकिंग रूट मौजूद हैं। इन रूटों का सबसे पहले प्रयोग गद्दी समुदाय के लोगों ने शुरू किया था। जो अपने भेड़ बकरियों के साथ यहां से गुजरते थे। अब इन रूटों पर काफी संख्या में पर्यटक जाना शुरू हो गए हैं। इस क्षेत्र में एक से बढ़कर एक ट्रैकिंग रूट मौजूद है। आइए आपको बताते हैं इन रूटों के बारे में।
बैजनाथ-उतराला-होली ट्रैक
यह बहुत ही खूबसूरत ट्रैकिंग रूट है। इसके जरिये आप तीन दिन में जिला चंबा में पैदल पहुंच सकते हैं। इस बीच आप बर्फ से ढके पहाड़ और हरी-भरी वादियों को देख सकते हैं। इस रूट में बैजनाथ से होते हुए आपको उतराला पहुंचना है। यहां से पैदल सफर शुरू होता है। इसके बीच जालसू पास बहुत ही खूबसूरत स्थान है।
बैजनाथ-बीड़-बड़ा भंगाल रूट
पर्यटकों के लिए सबसे मशहूर यही रूट है। इस रूट के जरिये पर्यटक हिमाचल प्रदेश के अति दुर्गम बड़ा भंगाल तक पैदल पहुंचते हैं। इसके लिए भी तीन दिन का सफर होता है। बीड़ से होते हुए बिलिंग और वही से पैदल सफर शुरू करते हुए आपको पहले जाना होगा राजगुंधा और वही से आप बड़ा भंगाल की तरफ निकल सकते हैं। इन रूटों पर बिना गाइड के न जाएं। इस रूट में बहुत ही खूबसूरत थमसर ग्लेशियर भी आता है। काफी टूरिस्ट बड़ा भंगाल से मनाली और लाहुल-स्पीति तथा चंबा की तरफ भी ट्रैकिंग पर निकल जाते हैं।
बैजनाथ-ततवाणी
इस रूट को भी बहुत अच्छा रूट माना जाता है। जो टूरिस्ट केवल एक दिन ट्रैकिंग पर जाना चाहते हैं। यह रूट उनके लिए बहुत ही अच्छा है। इसमें काफी कम पैदल चलना पड़ता है। ततवाणी गरम पानी के चश्मों में नहाने का अपना अलग ही आनंद है। यहां प्रकृति रूप से धरती के नीचे से गर्म पानी निकलता है। इसके अलावा छोटा भंगाल घाटी में भी कई ट्रैकिंग रूट हैं। तो आप भी इन रूटों का भी आनंद ले सकते हैं।

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